Adani Group : 43500 करोड़ रु के शेयर फ्रीज, रेट हुए धड़ाम

नई दिल्ली, जून 14। अडानी ग्रुप से जुड़ी हुई एक खबर सामने आई है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ने तीन विदेशी फंडों, अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इन्वेस्टमेंट फंड, के खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनके पास अडानी ग्रुप की चार कंपनियों के 43,500 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर हैं। इससे अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में आज 8 फीसदी से अधिक तक की गिरावट आई। अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 6.26 फीसदी, अडानी पोर्ट्स 8 फीसदी से ज्यादा, अडानी पावर, अडानी टोटल गैस और अडानी ट्रांसमिशन 5-5 फीसदी, अडानी ग्रीन एनर्जी 4.13 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए। जानकारों का मानना है कि इन तीन खातों पर रोक धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अनुसार लाभकारी स्वामित्व के बारे में पूरी जानकारी न देने के कारण कारण हो सकती है। कस्टोडियन आमतौर पर इस तरह की कार्रवाई से पहले अपने ग्राहकों को चेतावनी देते हैं, लेकिन अगर फंड जवाब नहीं देता है या अनुपालन नहीं करता है, तो खातों को फ्रीज किया जा सकता है।

जानिए अकाउंट फ्रीज होने का मतलब

जानिए अकाउंट फ्रीज होने का मतलब

अकाउंट फ्रीज होने का मतलब है कि वो फंड न तो मौजूदा सिक्योरिटीज (शेयर आदि) को बेच पाएंगे और न ही कोई नई सिक्योरिटीज खरीद पाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये तीन फंड सेबी के पास विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के रूप में रजिस्टर्ड हैं और मॉरीशस आधारित हैं। इन फंड्स की अडानी एंटरप्राइजेज में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन में 3.58 फीसदी हिस्सेदारी है।

बदल गए नियम

बदल गए नियम

अडानी समूह की 6 लिस्टेड कंपनियां हैं। इनमें अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ट्रांसमिशन, अडानी टोटल गैस, अडानी ग्रीन, अडानी पोर्ट्स और अडानी पावर शामिल हैं। पूंजी बाजार नियामक ने 2019 में पीएमएलए के अनुरूप एफपीआई के लिए केवाईसी में सुधार किया था। नए मानदंडों का पालन करने के लिए फंड को 2020 तक का समय दिया गया था, जिसमें विफल रहने पर उनके डीमैट खातों को फ्रीज कर दिया जाता। नए नियमों के तहत, एफपीआई को कुछ अतिरिक्त डिटेल जमा करने की आवश्यकता थी, जिसमें सामान्य स्वामित्व (कॉमन ओनरशिप) सहित फंड के प्रमुख कर्मचारियों जैसे फंड मैनेजरों की पर्सनल डिटेल शामिल हैं।

अडानी ग्रुप की कंपनियों की जांच

अडानी ग्रुप की कंपनियों की जांच

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सेबी भी इस बात की जांच कर रहा है कि क्या अडानी ग्रुप के शेयरों में कीमतों में हेरफेर हुआ है, जिनमें पिछले एक साल में 200 फीसदी से 1000 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली है। सेबी ने 2020 में जांच शुरू की, जो कि अभी भी जारी है।

किस शेयर में कितनी तेजी

किस शेयर में कितनी तेजी

पिछले एक साल में अडानी ट्रांसमिशन के शेयर में 669 फीसदी, अडानी टोटल गैस के शेयर में 349 फीसदी, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर में 972 फीसदी और अडानी ग्रीन के शेयर में 254 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस अवधि में अडानी पोर्ट्स और अडानी पावर ने क्रमश: 147 फीसदी और 295 फीसदी की बढ़त हासिल की है। अडानी ग्रुप की कुल मार्केट कैपिटल शुक्रवार को 9.5 लाख करोड़ रु हो गयी, जिससे इसके चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए।

प्रमोटर ग्रुप की कितनी हिस्सेदारी

प्रमोटर ग्रुप की कितनी हिस्सेदारी

अडानी ट्रांसमिशन में प्रमोटर ग्रुप की 74.92 फीसदी, अडानी एंटरप्राइजेज में 74.92 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 74.80 फीसदी और अडानी ग्रीन में 56.29 फीसदी हिस्सेदारी है।

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