नई दिल्ली, जुलाई 15। अभी हाल ही में गौतम अडानी दुनिया के कुछ चुनिंदा बिजनेस शख्सियतों के साथ 100 अरब बिलियन क्लब में शामिल हुए हैं और अब एशिया के इस सबसे अमीर बिजनेसमैन का दबदबा दुनियाभर में बढ़ता जा रहा है। गौतम अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी पोर्ट ने इजरायल के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक हाइफा पोर्ट को खरीदने की बीड जीत ली है। कंपनी जल्द ही हाइफा पोर्ट का काम-काज संभालेगी। इजराइल सरकार ने खुद इस डील की सूचना दी है। गौतम अडानी ने भी बोली जीतने की जानकारी ट्वीटर पर साझा की है। अडानी पोर्ट के इस डील के बाद आज कंपनी के शेयर में तेजी आई है। दिन के शुरूआती कारोबार में अडानी पोर्ट का शेयर 732.50 रुपए पर ट्रेंड कर रहा था।
1.18 बिलियन डॉलर की है डिल
इजराइल सरकार ने बताया कि वह अपना प्रमुख पोर्ट अडानी समूह को बेचने की कार्यवाही जल्दी ही पूरा करेगी। सरकार के बयान के अनुसार हाइफा पोर्ट को बेचने की डील 4.1 बिलियन इजरायली शेकेल ( 1.18 बिलियन डॉलर) में तय हुई है। रुपए में अगर इस राशि को कन्वर्ट करें तो यह लगभग 9500 करोड़ रुपये होगी। सरकार के बयान के मुताबिक, 4.1 बिलियन इजराइली शकेल की यह डील अडानी पोर्ट और लोकल कंपनी केमिकल और लॉजिस्टिक ग्रुप गैडोट के साथ सामूहिक तौर पर होगी। इस डील को जीतने के लिए दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने बोली लगाई थी। हाइफा पोर्ट इजरायल के सबसे बड़े पोर्ट में से एक है।
70 प्रतिशत हिस्से के मालिक होंगे अडानी
हाइफा पोर्ट को खरीदने की डील में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी अडानी पोर्ट की होगी, गैडोट समूह 30 प्रतिशत हिस्सेदारी संभालेगा। पोर्ट के अधिकारियों के अनुसार यह डील 2054 तक के लिए है।
बोली जीत कर खुशी हुई- अडानी
इजराइल सरकार के अधिकारिक घोषणे के बाद गौतम अडानी ने ट्वीट कर डील जीतने की खुशी जाहिर की, अडानी ने लिखा, "सहयोगी कंपनी गैडोट के साथ हाइफा बंदरगाह के निजीकरण के लिए बोली जीतकर बहुत खुशी हुई" यह डील भारत और इजराइल के लिए बेहद शानदार और ऐतिहासिक महत्व रखता है। अडानी ने आगे लिखा कि हाइफ़ा पोर्ट का हिस्सा बनकर गर्व हो रहा है। अडानी समूह के अडानी पोर्ट की जिम्मेदारी गौतम अडानी के बेटे करण अडानी संभालते हैं।


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