
Adani Enterprises FPO : हाल ही में अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से तहलका मच गया। इस रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप के शेयरों को आसमान से जमीन पर ला दिया। अडानी ग्रुप की कंपनियों की मार्केट कैपिटल में भारी गिरावट आई, जिससे अब गौतम अडानी दुनिया के 10 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में से बाहर हो गये हैं। पर ऐसा लगता है कि निवेशकों का अडानी ग्रुप से भरोसा पूरी तरह नहीं उठा है। असल में अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का 20000 करोड़ रु का एफपीओ फुली सब्सक्राइब हुआ है।
तीसरे दिन पूरी तरह हुआ सब्सक्राइब
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) को तीसरे दिन पूरी तरह से सब्सक्राइब कर लिया गया। नॉन-इंस्टिट्यूश्नल निवेशकों की तरफ से एफपीओ को अच्छा रेस्पोंस मिला। उनके हिस्से को 3.26 गुना सब्सक्राइब किया गया। इंस्टिट्यूश्नल निवेशकों और रिटेल निवेशकों के हिस्से को क्रमशः 97 फीसदी और 11 फीसदी सब्सक्राइब किया गया। यानी साफ जाहिर है कि रिटेल निवेशक अडानी ग्रुप के इस एफपीओ से बचे।
कितना था फ्लोर प्राइस
अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज आंशिक रूप से पेड आधार पर 20,000 करोड़ रुपये तक के शेयरों की पेशकश कर रही है। इसने ये जानकारी मार्केट रेगुलेटर के के पास दाखिल किए गए अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी थी। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कंपनी ने इश्यू के लिए फ्लोर प्राइस 3,112 रुपये प्रति शेयर और शेयरों के लिए अधिकतम प्राइस 3,276 रुपये तय किया था।
रिटेल निवेशकों की थी छूट
एफपीओ में रिटेल निवेशकों को 64 रुपये प्रति शेयर की छूट भी दी जा रही थी। एफपीओ में कम से कम 4 शेयरों के लिए बोली लगाना जरूरी था। उसके बाद निवेशक चार इक्विटी शेयरों के गुणकों में आवेदन कर सकते थे। आवेदन करने पर आवेदन करने वालों को ऑफर प्राइस का आधे प्रीमियम का भुगतान पहले करना था, जबकि शेष बाकी पैसे का भुगतान एक या एक से अधिक बार में बाद में करना था।
मजबूती के साथ बंद हुआ अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर
बीएसई के अनुसार, अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर मंगलवार को कारोबार के अंत में 3.35 फीसदी बढ़ कर 2,975 रुपये पर बंद हुआ। बता दें कि गौतम अडानी की अगुवाई वाली फर्म एफपीओ से मिलने वाले पैसे का उपयोग अपने और अपनी यूनिट्स के लिए 4,165 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के लिए करेगी। यह ग्रुप के हवाई अड्डों में कैपिटल एक्सपेंडीचर के लिए लगभग 10,869 करोड़ रुपये का उपयोग करेगी।

क्या होता है एफपीओ
जब कोई कंपनी शेयर बाजार में अपना शेयर लिस्ट कराना चाहती है तो पहले आईपीओ लेकर आती है। ये पहली बार होता है जब कंपनी पब्लिक को शेयर बेचती है। लिस्ट होने के बाद अगर कोई कंपनी इसी तरह का पब्लिक ऑफर लाती है यानी पब्लिक को शेयर बेचती है तो एफपीओ यानी फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर कहा जाता है। एफपीओ वो प्रोसेस है जिसके जरिए एक कंपनी, जो पहले से ही एक एक्सचेंज पर लिस्टेड है, निवेशकों या मौजूदा शेयरधारकों, आमतौर पर प्रमोटरों को नए शेयर जारी करती है। एफपीओ का उपयोग कंपनियां अपने इक्विटी बेस में विविधता लाने के लिए करती हैं।
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