नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते देश और दुनिया में लागू लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ऐसे में भारत सहित दुनिया के ज्यादातर देशों की जीडीपी में भारी कमी का अनुमान लगाया जा रहा है। फिच रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत की जीडीपी चालू वित्त वर्ष में बुरी तरह से प्रभावित होगी, लेकिन अगला वित्त वर्ष भारत के लिए काफी अच्छा रहेगा। रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान है भारत की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष में 5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। इससे पहले अप्रैल में फिच का अनुमान जताया था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी की ग्रोथ रेट 0.8 प्रतिशत रहेगी। लेकिन अब फिच ने अपने इस अनुमान को और घटा दिया है। हालांकि फिच ने अपने ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक (जीईओ) में कहा है कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा और यह 9.5 फीसदी की ग्रोथ रेट हासिल होगी।

ये है फिच की रिपोर्ट
फिच रेटिंग्स ने जारी किए ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक (जीईओ) में कहा कि उसने मई में जो दुनिया की जीडीपी के अनुमान जारी किए थे, उसमें कटौती कर दी है। लेकिन ये भी कहा है कि दुनिया की आर्थिक गतिविधियों में गिरावट थोड़ा-थोड़ा खत्म हो रही है। फिच ने कहा कि सबसे अधिक कटौती भारत की ग्रोथ रेट में की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 5 फीसदी की भारी गिरावट आएगी। पहले भारतीय अर्थव्यवस्था में 0.8 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। फिच का अनुमान है कि बीते वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की वृद्धि दर 3.9 प्रतिशत रहेगी। हालांकि फिच ने जीईओ में कहा है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा और यह 9.5 फीसदी की ग्रोथ रेट हासिल कर लेगी। फिच रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट ब्रायन कुल्टन ने कहा है कि साल 2020 में दुनिया की जीडीपी में अब 4.6 फीसदी की गिरावट का अनुमान था। वहीं अप्रैल में इसमें 3.9 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया गया था। यह यूरोक्षेत्र और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के अनुमान को और घटाने की वजह से है। वहीं भारत में अनुमान से लम्बा लॉकडाउन होने के चलते फिच का अनुमान बदलना पड़ा है।


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