Halal Certified Products: बैन किए गए हलाल प्रोडक्ट में मिलावट का संदेह, यूपी में जांच के लिए भेजे 82 सैंपल

Halal Products: उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित किए गए हलाल प्रमाणित प्रोडक्ट में मिलावट की आशंका के बाद 82 सैंपल्स को जांच के लिए भेज दिया गया है। इन 82 सैंपल्स में सभी जिलों के खाद्य पदार्थ और दवा के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स को भी जांच के लिए भेजा गया है। लेबोरेटरी में की गई जांच के बाद अगर किसी प्रोडक्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की बात भी कही गई है।

आपको बताते चले कि उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी हलाल प्रमाणित प्रोडक्ट को सीज किया गया है। इनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्य शामिल है। इसी मामले पर उत्तर प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से अनिता सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विभागीय अधिकारियों को ऐसे प्रोडक्ट की जांच और उन्हें बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए छापामार अभियान को और तेज करने की बात कही है।

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आ रही रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हलाल प्रमाणित प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनियों को अपना प्रोडक्ट वापस मांगने के लिए फोर्स किया जाए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग अब इन नियमों को और कड़ा करने के बारे में सोच रहा है। ताकि बैन होने के बाद भी हलाल प्रोडक्ट मार्केट में न बिकें।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक की गई छापेमारी में 2500 किलो हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट जब्त किया जा चुका है। छापेमारे में मिले प्रोडक्ट में पास्ता, मसाले, मेडिसिन, नूडल्स और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक देशभर के 482 कंपनी में अभी तक हलाल प्रमाणित उत्पाद की जांच के लिए कई टीमें भेजी गई है। इस छापेमारी में करीब 95 प्रतिष्ठान में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट होने की जानकारी मिलने के बाद छापा मारा गया था।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 18 नवंबर यानि शनिवार को हलाल सर्टिफिकेशन वाले फूड प्रोडक्ट को बनाने बेचने और उन्हें रखने पर बैन लगा दिया है। सरकार का मानना है कि तेल, साबुन, मंजन और शहद जैसे शाकाहारी प्रोडक्ट्स के लिए हलाल सर्टिफिकेशन जरूरी नहीं है। सरकार का कहना है कि यह लोगों में भ्रम फैलने से रोकने के लिए है। सरकार के अनुसार हलाल सर्टिफिकेशन फूड आइटम की गुणवत्ता के बारे में भ्रम पैदा करता है, जो कि कानून के मूल इरादे के खिलाफ है।

आईए जानते हैं क्या होता हैं हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट

दरअसल हलाल सर्टिफिकेशन ये प्रोडक्ट खासतौर पर मुस्लिम समुदाय को यह बताते हैं कि जो भी प्रोडक्ट है वह उनके इस्तेमाल करने के लिए सूटेबल है। हलाल एक अरबी शब्द है, इसका मतलब अनुमति होता है। यानी अगर कोई भी प्रोडक्ट हलाल है तो वह मुसलमानों के द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें ज्यादातर मांस वाले खाद्य पदार्थ, कॉस्मेटिक्स और दवाएं शामिल हैं।

जैसे आप कोई भी नॉनवेज प्रोडक्ट खा रहे हैं, तो उसमें मिला मांस हलाल तरीके से और इस इस्लामिक प्रक्रिया से प्राप्त किया गया होना चाहिए। जिसके तहत जानवर के गले की नसें काटकर उसे मारा जाता है। अगर यह इस्लामी तरीके से नहीं किया गया है तो वह प्रोडक्ट उनके लिए इस्तेमाल करना हराम होता है।

वहीं अगर बात करें कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की तो कई प्रोडक्ट्स जैसे परफ्यूम में शराब का इस्तेमाल किया जाता है और कई सारी क्रीम और लिपस्टिक में सूअर की चर्बी भी यूज होती है, जो इस्लाम में हराम है तो ऐसे प्रोडक्ट को हलाल सर्टिफिकेशन नहीं दिया जा सकता है।

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