देश में बड़े और छोटे बैंक जल्द ही खुलने वाले हैं। जी हां बीते कल गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़े और छोटे वित्त बैंक खोलने के लिए आए 8 आवेदनों का खुलासा किया।
नई दिल्ली, अप्रैल 16। देश में बड़े और छोटे बैंक जल्द ही खुलने वाले हैं। जी हां बीते कल गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़े और छोटे वित्त बैंक खोलने के लिए आए 8 आवेदनों का खुलासा किया। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को ऑन टैप यानी कभी भी लाइसेंस के लिए आवेदन करने के दिशानिर्देशों के तहत कुल 8 आवेदन मिले हैं। इसमें सभी प्रकार की सेवाएं देने वाले यूनिवर्सल बैंक स्थापित करने के लिए चार और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (एसएफबी) के लिए चार आवेदन शामिल हैं।

यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, द रिपैट्रिएट्स कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड (आरईपीसीओ बैंक), चैतन्य इंडियन फिन क्रेडिट प्राइवेट लि और पंकज वैश्य और अन्य ने ऑन टैप लाइसेंसिंग दिशानिर्देशों के तहत यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल ने सितंबर, 2019 में चैतन्य में 739 करोड़ रुपए की निवेश प्रतिबद्धता के साथ बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। बंसल चैतन्य के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हैं।
स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए आए ये आवेदन
बात करें स्मॉल फाइनेंस बैंकों (एसएफबी) की तो इसके लिए ऑन टैप दिशानिर्देशों के तहत वीसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, कालीकट सिटी सर्विस कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अखिल कुमार गुप्ता और द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने आवेदन किया है। निजी क्षेत्र में यूनिवर्सल बैंकों और एसएफबी को ऑन टैप लाइसेंसिंग के दिशानिर्देश क्रमश: 1 अगस्त, 2016 और 5 दिसंबर, 2019 को जारी किए गए थे।
यूनिवर्सल बैंक
दिशानिर्देशों के अनुसार, यूनिवर्सल बैंक के लिए न्यूनतम चुकता वोटिंग इक्विटी पूंजी 500 करोड़ रुपए होनी चाहिए। ऐसे में हर समय बैंक का न्यूनतम नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये होना चाहिए। एसएफबी के मामले में न्यूनतम चुकता वोटिंग पूंजी/नेटवर्थ 200 करोड़ रुपये होना चाहिए। अगर कोई शहरी सहकारी बैंक स्वैच्छिक रूप से एसएफबी के रूप में परिवर्तित होना चाहता है, तो नेटवर्थ की शुरुआती जरूरत 100 करोड़ रुपए है। इसे 5 साल में 200 करोड़ रुपए करने की जरूरत होगी।
आरबीआई का दिशानिर्देश जान लें
बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 2016 गाइडलाइन के मुताबिक बड़े बैंक खोलने के लिए बैंकिंग और वित्त में 10 साल का अनुभव होना जरूरी है। हालांकि बड़े औद्योगिक घरानों को इससे बाहर रखा गया है। लेकिन उन्हें निवेश करने की मंजूरी दी गई है। बड़े और लघु वित्त बैंकों के लिए आवेदन शुरू में आवेदकों की प्राइमा फैसिलिटी सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया जाएगा। जो स्थायी बाहरी सलाहकार समिति (एसईएसी) आवेदनों का मूल्यांकन करेंगी। इस एसईएसी का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए होगा। रिजर्व बैंक पुराने रिकॉर्ड साफ होने पर ही बैंकिंग कारोबार में उतरने की अनुमति देगा।


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