नयी दिल्ली। कोरोनावायरस से प्रभावित चीजों का दायरा बढ़ता जा रहा है। सरकार भी इसके प्रभाव को कम करने के लिए हर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने गरीबों के लिए एक नया कदम उठाया है। केंद्र ने बुधवार को गरीब परिवारों को एक बार में छह महीने का अनाज एडवांस में लेने की अनुमति दी। खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सार्वजनिक वितरण योजना के तहत 75 करोड़ लाभार्थी परिवार आधे साल का राशन एक साथ ले सकेंगे। इसमें परिवारों को प्रति व्यक्ति 30 किलो गेहूं मिलेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत, प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति हर महीने पांच किलो अनाज मिलता है और वो भी 1-3 रुपये प्रति किलोग्राम के रियायती कीमत पर।
इसलिए उठाया गया कदम
कोरोनावायरस के कारण देश के कई हिस्सों से परिवारों द्वारा जरूरी चीजों का राशन करने की खबरे आ रही हैं, इसीलिए सरकार ने गरीब परिवारों को राहत देते हुए उनके भी राशन का इंतेजाम करने के लिए यह कदम उठाया। कोरोनावायरस के खतरे से डर के लोगों ने सामान जमा करना शुरू कर दिया है। केंद्रीय खाद्य मंत्री पासवान ने कहा है कि हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न हैं। हमने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे एक महीने में गरीबों को छह महीने का अनाज वितरित करें।
भरा हुआ है अनाज
सरकार का यह फैसला ऐसे समय पर भी आया है जब केंद्रीय अन्न भंडार क्षमता से अतिरिक्त अनाज से भरे पड़े हैं। साथ ही सर्दियों के गेहूं की ताजा फसल अगले महीने से शुरू होगी। पासवान ने कहा कि केंद्र ने कोरोनावायरस के प्रकोप के मद्देनजर सार्वजनिक वितरण दुकानों पर भीड़ का प्रबंधन करने के लिए सलाह जारी की है। कोरोना के कारण अधिक लोग एक जगह इकट्ठे न हों इसके लिए उपाय किये जा रहे हैं। पासवान ने कहा कि कुछ राज्य पहले से ही लाभार्थियों को दो महीने का अनाज लेने की अनुमति दे रहे हैं।
और भी होंगे फायदे
मंत्रालय का कदम एहतियाती है। इससे कई और भी फायदे होंगे। कोरोनावायरस की घबराहट के बीच न केवल इससे अनाज की कीमतों में वृद्धि रुकेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि ग्रामीण परिवारों के पास पर्याप्त अनाज हों क्योंकि आने वाले महीनों में रोज़गार मुश्किल हो सकता है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार भारत के पास 4.35 करोड़ टन के अतिरिक्त स्टॉक है, जिसमें 2.7 करोड़ टन चावल और 1.6 करोड़ टन गेहूं शामिल है। इसके अलावा किसान इस साल रिकॉर्ड 10.6 करोड़ टन गेहूं की भविष्यवाणी कर रहे हैं, जिससे मौजूदा भंडारण सुविधाओं पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
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