Changes in MSCI index will bring investment in many stocks: इंडसइंड बैंक, सुजलॉन एनर्जी, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (पेटीएम), पॉलीकैब इंडिया और टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड जैसे सात शेयरों में कल के बाद से भारी निवेश आएगा। इन शेयरों में से हर एक में अधिकतम 288 मिलियन डॉलर तक निवेश आ सकता है। यह निवेश पैसिव फंड से आएगा। दरअसल यह शेयर 14 नवंबर को MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में अपनी जगह बना सकते हैं, जिससे यह निवेश आएगा। इससे इन शेयरों की री-रेटिंग हो सकती है।
ग्लोबल सूचकांक सेवा प्रदाता MSCI कल यानी 14 नवंबर, 2023 को अपनी अर्ध-वार्षिक सूचकांक समीक्षा के परिणामों की घोषणा करेगा। जेएम फाइनेंशियल के एक विश्लेषण से पता चलता है कि अगर इंडसइंड बैंक को एमएससीआई स्टैंडर्ड इंडिया इंडेक्स में शामिल किया जाता है तो उसमें 288 मिलियन डॉलर तक का निवेश आ सकता है।

इंडसइंड बैंक के बाद 228 मिलियन डॉलर के प्रवाह के साथ पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और 192 मिलियन डॉलर के साथ एपीएल अपोलो में आ सकता है। जहां तक सुजलॉन एजर्नी के शेयर की बात है तो इसे जल्द ही एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) की मिडकैप श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। वहीं एमएससीआई स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल होने पर सुजलॉन एनर्जी शेयर में भी 186 मिलियन डॉलर तक का निवेश आ सकता है।
इसके अलावा, दो अन्य शेयरों - पॉलीकैब इंडिया और पेटीएम में एमएससीआई शामिल होने पर क्रमशः 168 मिलियन डॉलर और 150 मिलियन डॉलर तक का निवेश आ सकता है।
टाटा कम्युनिकेशंस और मैक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड (लोढ़ा) सहित दो अन्य संभावित MSCI उम्मीदवारों में भी क्रमशः 144 मिलियन डॉलर और 138 मिलियन डॉलर तक का निवेश आ सकता है। जेएम फाइनेंशियल के अनुसार लोढ़ा को एमएससीआई इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल होने की काफी संभावनाएं दिख सकती हैं।
इस बीच, जेएम फाइनेंशियल का अनुमान है कि एमएससीआई से बाहर एकमात्र एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से 78 मिलियन डॉलर का निवेश बाहर जा सकता है।
सोमवार को एनएसई पर इंडसइंड बैंक (0.37%), सुलजोन एनर्जी (1.17%), वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (पेटीएम) (0.15%) और एपीएल अपोलो ट्यूब्स (1.37%) के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं पॉलीकैब 0.71% गिर गया, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 1.32% गिर गया, और टाटा कम्युनिकेशंस 0.42% गिरावाट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
MSCI का पूरा नाम Morgan Stanley Capital International है। डाउ जोंस और S&P 500 की तरह ही MSCI भी एक सूचकांक है। MSCI की वेबसाइट के अनुसार सूचकांक 26 उभरते बाजारों (EM) और मिड-कैप शेयरों का प्रतिनिधित्व करता है।
MSCI सूचकांकों के अंतर्गत सबसे लोकप्रिय चार सूचकांक हैं
उभरते बाजार (Emerging Markets): MSCI Emerging Markets Index भारत, अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और संयुक्त अरब अमीरात सहित 26 उभरते देशों में शेयर बाजारों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है।
सीमांत बाजार (Frontier Markets): यह उन 21 देशों पर केंद्रित है जिन्हें अस्थिर माना जाता है। यह देश न तो विकसित की श्रेणी में हैं, और न ही उभरते देशों में गिने जाते हैं। इसमें क्रोएशिया, मोरक्को, जॉर्डन और केन्या जैसे देशो के वित्तीय बाजार में सम्मिलित वाले 21 देशों के है। इसके अलावा इसमें 11 अलग सूचकांक हैं। जमैका और जिम्बाब्वे जैसे देश भी इसी MSCI indices समूह में वर्गीकृत है।
विकसित बाजार (Developed Markets): इसमें अमेरिका और कनाडा को छोड़कर 21 विकसित देश सम्मिलित हैं। इसमें प्रत्येक देश के स्टॉक मार्केट के बाजार पूंजीकरण का 85% शामिल है। MSCI EAFE index की सूची में जापान, जर्मनी, यूके, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और सिंगापुर शामिल हैं।
MSCI विश्व सूचकांक (MSCI World Index): इसमें ऑस्ट्रेलिया, यूके, अमरीका, जापान और होन्ग कोंग सहित 23 देशों में स्थित 4,500 कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखी जाती है। इस सूचकांक में बड़े और मध्यम दर्जे की कंपनियों को शामिल किया गया है।


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