नई दिल्ली, सितंबर 10। यदि आप प्राइवेट नौकरी करते है और आप रिटायर होने पर वित्तीय सुरक्षा चाहते है तो फिर आपके लिए सरकार की योजना नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) बहुत ही काम की है। ये योजना में आपको रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक तय रकम मिलती है और साथ ही आपको इनकम टैक्स को बचाने में भी लाभ मिलता है। अगर आप सही स्कीम के साथ निवेश करोगे। तो आप आसानी से महीने के 50 हजार रु तक की पेंशन का इंतजाम कर सकते है।
ये काम करें अधिक पेंशन के लिए
इस निवेश को एक लंबे समय का निवेश माना जाता है। इस योजना में आप नौकरी करते समय अपनी सैलरी का थोड़ा थोड़ा पैसा निवेश करते जाते है। जो पैसे आपको रिटायरमेंट के बाद मिलता है। आप इस स्कीम में दो तरीके से निवेश के पैसे मिलते है। एक तो लिमिटेड पैसा जो एक ही बार में निकाल सकते है और दूसरा जो पैसा आपकी पेंशन के लिए जमा रहेगा। जिससे एन्यूटी खरीदी जायेगी। आप एन्यूटी को खरीदने के लिए जितने पैसे वह पर छोड़ेंगे आपको रिटायरमेट पर उतना ही अधिक रूपये पेंशन के रूप में मिलेंगे।
जरूर रखे इस बात का ध्यान
आपको 50000 रु की पेंशन पाने के लिए क्या करना होगा। उसके पहले आपको एनपीसी के बारे में कुछ बात जान लेना बेहद जरूरी है।। एनपीएस में दो तरह के खाते खोले जाते है। पहला जिसे टिअर-1 के नाम से जाना जाता है। और दूसरा जिसे टिअर-2 के नाम से जाना जाता है।टिअर-1 उन लोगों के लिए है जिसके पास पीएफ अकाउंट नहीं है। एनपीएस टिअर-1 को रिटायरमेंट के हिसाब से ही तैयार किया गया है। इस खाते को आप कम से कम 500 रु जमा करके खुलवा सकते है। रिटायरमेंट के बाद आप इससे 60 प्रतिशत पैसे निकाल व 40 प्रतिशत पैसे को एन्यूटीज खरीदी जायेगी। जो आपको महीने की पेंशन के रूप में मिलेगी।
टैक्स का लाभ एनपीएस पर मिलते हैं
टिअर-1 खाते में कंट्रीब्यूशन पर और विदड्रॉअल दोनों में ही टैक्स में डिस्काउंट का लाभ मिलता है। इसमें इनकम टैक्स एक्ट 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक और 80सीसीडी (1बी) के तहत 50 हजार रुपये के टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है। वही एनपीएस टिअर-1 खाते से निकासी की गई सभी रकम में टैक्स से छूट मिलती है। हालांकि एन्यूटी से होने वाली कमाई पर टैक्स की देनदारी बनती है।
इस कमाई को आपकी दूसरी सभी कमाइयों में जोड़कर आपका स्लैब निर्धारित होगा और उसी हिसाब से इनकम टैक्स भरना होगा।
मोटी पेंशन का प्रबंध ऐसे करें
मान लेते है कि आप रिटायरमेंट पर आपके एनपीएस खाते से 60 प्रतिशत पैसों को आप निकाल लेते है और 40 प्रतिशत बचे हुए रुपयों से एन्यूटी को खरीद लेते है। ऐसे में यदि आपको हर महीने पेंशन के रूप में 50 हजार रु चाहिए तो इसके लिए आपको 2.5 करोड़ रु का फंड को तैयार करना होगा। ऐसा करने के बाद आप रिटायरमेंट के बाद 1.5 करोड़ रु निकल लेंगे और 1 करोड़ रु की कम से कम एन्यूटी खरीदी जाएगी। वर्ष एन्यूटी रेट 6 प्रतिशत मानकर गणना करें तो इस स्थिति में आपको 50 हजार रुपये पेंशन हर महीने मिलेगी।


Click it and Unblock the Notifications