नयी दिल्ली। शेयर बाजार में एक तरह की तबाही मची हुई है। इस समय ये अनुमान लगाना भी मुश्किल है कि मौजूदा संकट कब तक बना रहेगा। शेयर बाजार की हालत बेहद पतली होती जा रही है। स्थिति ये है कि आज यानी गुरुवार को शेयर बाजार में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट आयी। सेंसेक्स ने 2500 अंकों तक की डुबकी लगायी है। वहीं निफ्टी भी 9600 तक के स्तर तक फिसल गया। करीब पौने 1 बजे सेंसेक्स 2301 अंकों की गिरावट के साथ 33,396.36 पर है, जबकि 688 अंक लुढ़क कर 9,770.70 पर है। इस भारी गिरावट के 5 मुख्य कारण हैं। आइये जानते हैं उन कारणों के बारे में।

1. अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट
डब्ल्यूएचओ द्वारा कोरोनोवायरस को महामारी घोषित करने के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार सूचकांक डॉव जोंस में भारी गिरावट आयी और 2008 के वित्तीय संकट के बाद इसे पहली बार मंदड़ियों के बाजार में दाखिल होने का ऐलान किया।
2. क्रूड ऑयल पर कोई राहत नहीं
कोरोनावायरस के कारण लोग यात्राएं नहीं कर रहे, जिससे क्रूड ऑयल की मांग बढ़ने की संभावना नहीं है। 1991 के बाद क्रूड में सोमवार को आयी सबसे बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को इसमें 6 फीसदी और बुधवार को 4 फीसदी की गिरावट आयी।
3. दिग्गज कंपनियों के शेयरों में जोरदार कमजोरी
शेयर बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण है दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट। इन दिग्गज शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक शामिल हैं। इन बड़े शेयरों में भारी गिरावट से पता चलता है कि निवेशक बाजार में चल रही मौजूदा अस्थिरता से सावधान हैं।
4. महामारी बन गया है कोरोनावायरस
दुनिया भर में कोरोनोवायरस के संक्रमित मामलों में वृद्धि का असर आर्थिक विकास की भावना पर भी पड़ा है। इसके 100 देशों में फैलने को देखते हुए WHO ने कोरोनावायरस को महामारी घोषित कर दिया है। भारत में कोरोनावायरस के मामले 73 हो गये हैं।
5. विदेशी निवेशक कर रहे लगातार बिकवाली
विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार मार्च में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजारों में 20,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिये हैं।
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