अगर आप अकसर ट्रेन से यात्रा करते है तो आपके लिए बड़े काम की खबर है। अब दिल्ली से मुबंई और कोलकाता ओवरनाइट यात्रा में पहुंचा जा सकेगा।
नई दिल्ली: अगर आप अकसर ट्रेन से यात्रा करते है तो आपके लिए बड़े काम की खबर है। अब दिल्ली से मुबंई और कोलकाता ओवरनाइट यात्रा में पहुंचा जा सकेगा। भारतीय रेलवे 44 नई वंदे भारत ट्रेनों जल्द शुरू करेगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा, 44 नई वंदे भारत ट्रेनों के लिए जुलाई में टेंडर जारी होगा। वहीं उन्होंने कहा, दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता के बीच यात्रा को ओवरनाइट जर्नी में तब्दील करना चाहते हैं। इसलिए टेक्नेलॉजी के जरिए स्पीड बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के मुताबकि, प्राइवेट कंपनियों को फिक्स्ड Haulage चार्ज देना होगा। इसके साथ ही प्राइवेट कंपनी नीलामी के दौरान कुल कमाई में ज्यादा हिस्सा रेलवे को देगी। उसे प्राथमिकता दी जाएगी। 95 फीसदी पंक्चुअलिटी फॉलो न करने पर प्राइवेट कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा। ड्राइवर्स और गार्ड्स भारतीय रेलवे के ही होंगे।

इन रूट्स पर चलेंगे प्राइवेट ट्रेन
प्राइवेट ट्रेनों के लिए 12 कलस्टर्स का चयन किया गया है। पूरे देश को कवर करने की कोशिश की गई है। पहले क्लस्टर्स में चंडीगढ़, बेंगलुरु, हावड़ा, मुम्बई और दूससे कलस्टर्स में पटना, प्रयागराज, सिकन्द्राबाद शामिल है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, प्राइवेट ट्रेन संचालन अप्रैल 2023 तक शुरू होने की संभावना है, सभी कोच मेक इन इंडिया पॉलिसी के तहत खरीदे जाएंगे। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अगले 6 से 8 महीने में फाइनेंशियल बिड्स आएंगी। 2023 में प्राइवेट कंपनिया ट्रेन चलाना शुरू कर देंगी। प्राइवेट ट्रेनों में किराया प्रतिस्पर्धी होगा। एयरलाइंस, बसों जैसे परिवहन के अन्य साधनों की कीमतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
रेलवे 15,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के मुताबिक, दिल्ली से मुबंई के बीच ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए रेलवे 15,000 करोड़ रुपए का खर्च करेगी। ट्रेन सेट को निजी ऑपरेटरों द्वारा लाया जाना चाहिए और उनके द्वारा बनाए रखा जाना चाहिए। यात्री ट्रेन परिचालन में निजी भागीदारी रेलवे के कुल परिचालन का केवल 5 प्रतिशत होगी।


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