कोरोना के खिलाफ जंग में भारत के साथ आए 40 अमेरिकी कंपनियों के CEO

भारत कोरोना महामारी के दूसरी लहर का भयंकर प्रकोप देखने को म‍िल रहा है। भारत में मानों संक्रमण की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है। इतने के बाद भी बस सुकुन इस बात की है कि इस बीमारी के खिलाफ जंग में भारत देश अकेला नहीं है।

नई द‍िल्‍ली, 27 अप्रैल । भारत कोरोना महामारी के दूसरी लहर का भयंकर प्रकोप देखने को म‍िल रहा है। भारत में मानों संक्रमण की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है। इतने के बाद भी बस सुकुन इस बात की है कि इस बीमारी के खिलाफ जंग में भारत देश अकेला नहीं है। भारत को इस संकट की स्थिति से बाहर निकालने के लिए कई देश व नामी हस्तियां आगे आ रही हैं। भारत की हालात को देखते हुए दुनियाभर से मदद का हाथ बढ़ाया जा रहा है। जी हां इस कड़ी में अमेरिका की शीर्ष 40 कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद करने के लिए एक वैश्विक कार्यबल का गठन किया है। इसके लिए इन सभी कंपनियों के सीईओ एकजुट हुए हैं।

40 US Companies Set Up Global Taskforce To Help India

मौजूदा हालातों को देखते हुए अगर बात करें तो भारत में कोरोना से हालात बेहद ही चिंताजनक हो गए हैं। मरीजों को अस्पतालों में बेड्स और ऑक्सीजन की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत दुनिया के कई मुल्क भारत को मदद पहुंचाने के लिए तैयार हुए हैं।

डेलोइट के सीईओ पुनीत रंजन ने कहा कि यूएस चैंबर्स ऑफ कॉमर्स की यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम एंड बिजनेस राउंडटेबल की सामूहिक पहल कार्य बल ने सोमवार को वॉशिंगटन में बैठक की। इस बैठक में अगले कुछ हफ्तों में भारत में 20,000 ऑक्सीजन मशीनें भेजने की प्रतिबद्धता जताई गई है। कोरोना महामारी पर यह वैश्विक कार्यबल भारत को अहम चिकित्सा सामान, वैक्सीन, ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराएगा।

एंटनी ब्लिंकन ट्वीट के जरि‍ए कही ये बात
वहीं दूसरी ओर किसी देश में जन स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए बने अपनी तरह के पहले वैश्विक कार्य बल को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने संबोधित किया। उन्‍होंने ने ट्वीट किया कि यह बातचीत दिखाती है कि कैसे भारत के कोविड-19 संकट के समाधान के लिए अमेरिका और भारत अपनी विशेषज्ञता और क्षमताओं का लाभ उठा सकता है। इससे पहले, अमेरिका के रक्षा मंत्री ऑस्टीन लॉयड ने रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन को भारत में कोरोनावायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों को हर संभव जरूरी मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया।

जल्‍द भेजे जाएंगे 20000 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर्स
डेलोइट के सीईओ ने कहा क‍ि वीकेंड में अमेरिका की कई कंपनियां एक साथ आई है। हम हरसंभव मदद पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहली लहर से सफलतापूर्वक निपटने के बाद हम बहुत आश्वस्त हैं, हमारा मनोबल ऊंचा है लेकिन इस लहर ने देश को हिला दिया है। अब हमारी जिम्मेदारी किसी भी तरीके से इससे निपटने की है। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी ऑक्सीजन और उसके कंसंट्रेटर्स हैं। अगले कुछ हफ्तों में भारत में 20,000 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर्स भेजे जाएंगे।

भारत की मदद के लिए पूरी तरह से हो रही तैयारी
इस बात की जानकारी दी गई कि पहली 1,000 मशीनें इस हफ्ते तक पहुंच जाएंगी और 5 मई तक अन्य 11,000 मशीनों के पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही दूसरा मुद्दा 10 लीटर और 45 लीटर की क्षमता से ऑक्सीजन सिलेंडर भेजने का है। डेलोइट के सीईओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच बातचीत और भारत को तत्काल चिकित्सा आपूर्ति करने के अमेरिका के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश स्वाभाविक सहयोगी हैं। इस बात से भी अवगत कराया कि डेलोइट के भारत में करीब 2,000 कर्मचारी कोरोनावायरस से संक्रमित हैं।

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