वर्तमान में चार कंपनियां हैं जो कि सेंसेक्स से बाहर की जा रही हैं और इनकी जगह पर दो अन्य कंपनियों को इसमें इंडेक्स किया जाएगा। जी हां टाटा मोटर्स, डिफरेंशियल वोटिंग राइट (डीवीआर) के साथ टाटा मोटर्स, यस बैंक और वेदांता 23 दिसंबर से बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के बेंचमार्क सेंसेक्स से बाहर निकल जाएंगे।

एसएंडपी डाउ जोंस इंडिसिस और बीएसई के बीच संयुक्त उपक्रम एशिया इंडेक्स ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इनके स्थान पर इंडेक्स में अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटर कंपनी लिमिटेड और नेस्ले इंडिया को शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा यूपीएल लिमिटेड और डाबर इंडिया को एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 50 में शामिल किया जाएगा। यह कंपनियां इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और यस बैंक का खाता लेंगी।
अन्य परिवर्तनों के तहत, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, यस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और इंफोएज (इंडिया) को एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स नेक्स्ट 50 में शामिल किया जाएगा।
एशिया इंडेक्स ने बताया कि यह परिवर्तन सोमवार, 23 दिसंबर 2019 से प्रभावी होगा। इसके अलावा, एसएंडपी बीएसई 500, एसएंडपी बीएसई 200 और एसएंडपी बीएसई 100 सहित कई अन्य इंडेक्स में भी बदलाव किया गया है।
आपको बता दें कि हाल ही में कई कंपनियों को एनएसई से डीलिस्ट किया गया है। जी हां एनएसई (NSE) ने 17 अक्टूबर से 9 कंपनियों को डीलिस्ट करने का फैसला लिया है। इनमें लैन्को इन्फ्राटेक और मोजर बीयर के नाम प्रमुख हैं। इनके अलावा अमर रेमेडीज, सुप्रीम टैक्स मार्ट्स, समतल कलर, हिंदुस्तान डॉर-अलिवर, एलएमएल, सर्वलक्ष्मी पेपर और हानुंग टॉयज भी डीलिस्ट हुए।
बता दें कि एनएसई के अनुसार ये सभी नौ कंपनियां लिक्विडेशन की प्रक्रिया से गुजर रही थीं। अपने सर्कुलर में स्टॉक एक्सचेंज ने कहा कि उसने 17 अक्टूबर 2019 से इन कंपनियों के शेयरों को डीलिस्ट करने का फैसला किया है।


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