नई दिल्ली, जनवरी 1। पेटीएम, नायका और ज़ोमैटो जैसे कई बड़े आईपीओ वाले साल 2021 में हिंदी का मुहावरा 'छोटा पैकेट बड़ा धमाका' खूब चला। दरअसल 2021 में एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई 63 कंपनियों में से 15 ने निवेशकों को 300 प्रतिशत तक का भारी रिटर्न दिया। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 11 100-600 करोड़ रुपये के छोटे आकार के आईपीओ रहे। न्यूरेका के 100 करोड़ रुपये के आईपीओ ने निवेशकों को सबसे अधिक रिटर्न दिया। 400 रुपये के आईपीओ मूल्य पर इसने 323 प्रतिशत रिटर्न दिया। कंपनी के शेयर आईपीओ में 40 गुना सब्सक्राइब किए गए और यह 59 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। इसके बाद ये 300 फीसदी से अधिक रिटर्न देने में कामयाब रहा।
ये हैं बाकी आईपीओ
पारस डिफेंस का 170 करोड़ रुपये का इश्यू 321 फीसदी रिटर्न के साथ दूसरे नंबर पर रहा। एमटीएआर टेक के शेयरों ने 575 रुपये के आईपीओ मूल्य से 295 प्रतिशत की छलांग लगाई। इस 596 करोड़ रुपये के इश्यू को 200 गुना सब्सक्राइब किया गया था और विश्लेषक अभी भी इस शेयर में तेजी संभावना जता रहे हैं। ये मौजूदा स्तरों से 40 प्रतिशत तक की तेजी का अनुमान लगा रहे हैं।
जानिए कुछ और आईपीओ की डिटेल
अन्य छोटे साइज के आईपीओ में लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स (235 प्रतिशत), ईज़ी ट्रिप्स प्लानर्स (179 फीसदी) और लेटेंट व्यू (174.14 फीसदी) टॉप पांच कंपनियों में से हैं। इनके निवेशकों की संपत्ति लगभग चौगुनी तक हो गयी है। इसके अलावा बार्बीक्यू नेशन ने करीब 167 फीसदी, मैक्रोटेक डेवलपर्स ने 157 फीसदी, स्टोव क्राफ्ट ने 151.6 फीसदी और सिगाचि इंडस्ट्रीज ने 144.6 फीसदी रिटर्न दिया है।
ये हैं बाकी बेस्ट आईपीओ
बाकी आईपीओ में सोना बीएलबडब्लू ने 144 प्रतिशत ने तत्व चिंतन ने करीब 139 फीसदी, नजारा टेक ने 112.5 फीसदी और जीआर इंफ्रा ने 100.7 फीसदी रिटर्न दिया है।
इसलिए बढ़ी आईपीओ की मांग
मगर बड़े आईपीओ की मांग के चलते कैलेंडर वर्ष 2021 में आईपीओ के जरिए कंपनियों को रिकॉर्ड 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाने में मदद की है। मगर इनमें से कुछ ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को नुकसान पहुंचाया है। पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस इसका एक प्रमुख उदाहरण है। इसका शेयर आईपीओ मूल्य के मुकाबले 37 प्रतिशत की गिरावट के साथ लिस्ट हुआ।
कैसा रहेगा 2022
2022 के लिए आईपीओ पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। एलआईसी के आईपीओ के 2022 की पहली तिमाही में खुलने की संभावना है। इसके अलावा, ओयो, अदानी विल्मर, गो एयरलाइन, एमक्योर फार्मा, जेमिनी एडिबल्स, इंडिया 1 पेमेंट्स, प्रदीप फॉस्फेट्स, आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज और नॉर्दर्न आर्क कैपिटल कुछ ऐसी कंपनियां हैं, जिन्हें पब्लिक इश्यू के लिए सेबी की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।


Click it and Unblock the Notifications