दो-तीन दिन पहले ही खबर आयी थी कि भारतीय रिजर्व बैंक भी इस धनतेरस और दिवाली सोने की बिक्री करेगा। लेकिन अब आरबीआई ने इस खबर का खंडन किया है। यह जानकारी खुद आरबीआई ने अपने ट्वीटर हैंडल के माध्यम से दी है। दरअसल खबरें आई थीं कि आरबीआई ने लगभग तीन दशक में पहली बार अपने रिजर्व से सोना बेचा है और जालान कमिटी की सिफारिशें स्वीकार करने के बाद इस साल अगस्त से गोल्ड ट्रेडिंग में ऐक्टिव हो गया है।

कमिटी की सिफारिशों के अनुसार, आरबीआई तय सीमा से ऊपर का लाभ सरकार के साथ शेयर कर सकता है। आरबीआई ने कुल $1.15 अरब (8,000 करोड़ रुपये) का सोना बेचा है। रिजर्व बैंक के वीकली स्टैटिस्टिकल सप्लिमेंट में मौजूद डेटा के ऐनालिसिस से पता चला है कि इसने अपने बिजनस इयर की शुरुआत वाले महीने यानी जुलाई से $5.1 अरब का सोना खरीदा है और लगभग $1.15 अरब का सोना बेचा है।
आपको बता दें कि आरबीआई के पास अगस्त के अंत तक 1.987 करोड़ सोना था। वहीं, 11 अक्टूबर को फॉरेक्स रिजर्व में $ 26.7 अरब के बराबर सोना था। समिति की सिफारिशों में कहा गया है कि RBI को सोने में होने वाले वेल्यूएशन गेन नहीं बल्कि उसकी शनिवार से हासिल होने वाली प्रॉफिट सरकार के साथ शेयर करना होगा। समिति का गठन पिछले साल सरकार का रेवेन्यू डेफिसिट पूरा करने के लिए उसके साथ रिजर्व बैंक की सरप्लस इनकम शेयर करने की बात पर मचे बवाल के बाद किया गया था।
जानकारी हो कि भारतीय रिजर्व बैंक अपने खजाने में रखे सोने के वाल्यूम की डिटेल बार बार नहीं देता है। सेफ्टी के लिहाज से दुनियाभर के सेंट्रल बैंक (भारत के RBI जैसे) अपने फॉरेन एक्सचेंज का कुछ हिस्सा डायवर्सिफिकेशन के लिए सोने के तौर पर रख रहे हैं। बता दें कि रिजर्व बैंक नवंबर 2017 से सोने की छिटपुट खरीदारी करता आ रहा है और तब से अब तक लगभग 20 लाख औंस सोने की खरीद की जा चुकी है।


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