रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए एक खास सुविधा दिया है। अगर आप मुंबई लोकल ट्रेन में सफर करते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है।
नई दिल्ली: रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए एक खास सुविधा दिया है। अगर आप मुंबई लोकल ट्रेन में सफर करते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। मुंबई लोकल के लिए यात्री अब नए ऑटोमेटिक मशीन की मदद से बहुत आराम से और बहुत जल्द टिकट खरीद सकते हैं। यह सुविधा आज से शुरू हो गई है। इसके पहले मंगलवार को सेंट्रल रेलवे ने कहा था कि उसने 42 स्टेशनों में ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें इंस्टॉल कर चुका है। इससे सबअर्बन क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए लोकल ट्रेनों की टिकट खरीदने में आसानी होगी। ट्रेन में भी अब यात्रियों को मिलेगी मुफ्त वाई-फाई की सुविधा ये भी पढ़ें

रेलवे ने 42 स्टेशनों पर लगाई ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें
जानकारी दें कि रेलवे ने 42 स्टेशनों पर कुल 92 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इसकी खासियत यह कि यात्री मात्र 2 स्टेप्स में ही आसानी से अपना टिकट निकाल सकते हैं वहीं पहले 6 स्टेप्स में टिकट निकालना होता था। सेंट्रल रेलवे के चीफ PRO शिवजी सुतार ने कहा, 'इस वन टच एटीवीम मशीन को मुंबईवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। इससे उनका वेटिंग टाइम बेहद कम हो सकेगा।
इस तरह आप कर सकते है इस्तेमाल
- वन टच ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर एक स्क्रीन लगा होगा जहां यात्री सिंगल या रिटर्न टिकट खरीद सकते हैं।
- इस स्क्रीन पर जाकर दूरी के स्लैब में यात्री अपने गंतव्य को चुन सकते हैं।
- जर्नी और रिटर्न टिकट के लिए यात्री अप टू स्टेशन के टैब पर क्लिक करते विकल्प चुन सकते हैं।
- प्लेटफॉर्म टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा एक स्टेप में ही हो जाएगा।
यात्रियों की सहूलियत ले लिए किया गया बदलाव
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों को पहले की मशीनों को लेकर फीडबैक मिला था, जिसमें इस बात का जिक्र किया गया था कि यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई मशीनों को इस तरह से बनाया गया है ताकि यात्री को सहूलियत मिल सके। मौजूदा समय में इन मशीनों से यात्री सेकेंड श्रेणी के टिकट खरीद सकते हैं। आमतौर पर पहली श्रेणी के यात्री एटीवीएम के जरिए टिकट नहीं बुक करते हैं। वहीं रेलवे की इस नई सुविधा से टिकटिंग सिस्टम पर होने वाले लोड को भी कम किया जा सकेगा। दूसरी ओर इस बात से भी अवगत करा दें कि साल 2007 में रेलवे ने स्मार्टकार्ड आधारित ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन को पहली बार जारी किया था। रेलवे की तरफ से यह कदम टिकट काउंटर पर होने वाले भीड को कम करने के लक्ष्य से उठाया गया था।


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