भारत को इकोनॉमी के मोर्चे पर एक अच्छी खबर मिली है। भारत में कारोबार करना अब और आसान हो गया है। भारत ने 14 स्थान की छलांग लगाकर वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 63वां स्थान हासिल किया ह
नई दिल्ली: भारत को इकोनॉमी के मोर्चे पर एक अच्छी खबर मिली है। भारत में कारोबार करना अब और आसान हो गया है। भारत ने 14 स्थान की छलांग लगाकर वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 63वां स्थान हासिल किया है। बता दें कि इस बात की जानकारी गुरुवार को मिली है। भारत लगातार तीसरे साल अर्थव्यवस्था के मामले में टॉप-10 सुधारक देशों में शामिल हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस यानी कारोबार करने में सुगमता की रैंकिंग में उस समय आई है, जब देश आर्थिक सुस्ती का शिकार है।

लगातार तीसरे साल शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देश में शामिल
आपको बता दें कि भारत इस सूची में लगातार तीसरे साल शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देश में भी शामिल है। यह रैंकिंग ऐसे समय में आई है, जब भारतीय रिजर्व बैंक, वर्ल्ड बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष मूडीज सहित कई एजेंसियों ने आर्थिक सुस्ती को देखते हुए जीडीपी में बढ़त के अनुमान को घटा दिया है
इन देशों ने भी लिया हिस्सा
जानकारी दें कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत के अलावा टॉप-10 सुधारक देशों में सऊदी अरब (62), जॉर्डन (75), टोगो (97), बहरीन (43), ताजिकिस्तान (106), पाकिस्तान (108), कुवैत (83), चीन (31) और नाइजीरिया (131) शामिल हैं।
ये देश है सबसे ऊपर
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में पिछले साल की तरह इस साल भी न्यूजीलैंड टॉर पर है। उसके बाद क्रमश: सिंगापुर, हांगकांग और डेनमार्क का नंबर आता है।
भारत का लक्ष्य टॉप 50 में स्थान बनाना
उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई थी। उस समय भारत ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की 190 देशों की सूची में 142वें स्थान पर था। 2017 में 100वें स्थान पर था जबकि 2018 में भारत ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की लिस्ट में 77वें स्थान पर पहुंच गया था। सरकार का लक्ष्य इज ऑफ डुइंग बिजनस के मामले में टॉप 50 में स्थान बनाना है।
जानें क्या है ईज ऑफ डूइंग बिजनेस?
जानकारी दें कि अगर 'ईज ऑफ डूइंग' बिजनेस में सुधार होता है तो विश्व की प्रमुख रेटिंग एजेंसियां भारत को बेहतर रेटिंग दे सकती है और भारत में एफडीआई में भी वृद्धि हो सकती है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का रिपोर्ट विश्व बैंक द्वारा जारी की जाती है। इस रिपोर्ट में मुख्य रूप से दस मानदंड है। जिनके आधार पर तय किया जाता है कि कौन सा देश कारोबार की सुगमता की लिहाज से पहले स्थान पर हैं और कौन निचले पायदान पर है।
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