नई दिल्ली। सरकारी नौकरी के लिए होने वाले इंटरव्यू में अक्सर पक्षपात का आरोप लगता है। ऐसे में आंध्र प्रदेश ने एक बड़ी पहल की है। इसके तहत आंध्र प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती के लिए केवल लिखित परीक्षा ही होगी। इसके बाद होने वाले इंटरव्यू का प्रोसेस को खत्म कर दिया गया है। इससे जहां भर्ती में पक्षपात में रोक लगेगी वहीं

मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी की रिलीज
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक रिलीज जारी की गई है। इस रिलीज में बताया गया है कि मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने भर्ती प्रक्रिया से पर्सनल इंटरव्यू को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन को भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने को कहा है। गुरुवार को जगन मोहन रेड्डी ने खाली सरकारी पदों पर भर्ती के लिए प्रस्तावित किए गए सालाना रिक्रूटमेंट कैलेंडर पर एक रिव्यू मीटिंग की थी।
किया था ऐलान
आंध्र के मुख्यमंत्री ने पिछले महीने घोषणा की थी कि अब से सभी सरकारी पदों पर भर्तियों के लिए सभी परीक्षाएं 1 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक कराईं जाएंगी। इसको लेकर भर्तियों की लिस्टिंग का आदेश जारी कर दिया गया है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता इमरजेंसी सिटीजंस सर्विसेज वाले डिपार्टमेंट की भर्तियां करने की तैयारी में है।
इंटरव्यू में लगता है पक्षपात का आरोप
सरकारी नौकरियों के लिए होने वाले इंटरव्यू में अक्सर पक्षपात का आरोप लगता है। कई बार लिखित परीक्षा में कम नंबर पाने को इंटरव्यू में बहुत अच्छे नंबर मिल जाते हैं। इससे व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगता है। ऐसे में इंटरव्यू खत्म होने का फायदा इस राज्य में सरकारी नौकरी पाने वालों को मिलेगा।
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