रिलायंस जियो और दूसरी टेलिकॉमं कंपनियों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। जियो 2016 में जब टेलीकॉम सेक्टर में दस्तक दी थी, उस वक्त इस सेक्टर में हलचल मच गई थी।
नई दिल्ली: रिलायंस जियो और दूसरी टेलिकॉमं कंपनियों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। जियो 2016 में जब टेलीकॉम सेक्टर में दस्तक दी थी, उस वक्त इस सेक्टर में हलचल मच गई थी। जियो ने अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग और सस्ते डेटा पैक के जरिए प्रतिद्वंदी टेलीकॉम कंपनियों का रास्त मुश्किल कर दिया। वहीं साल 2019 में जियो ने एक बार फिर टेलीकॉम सेक्टर में हलचल बढ़ा दी है।

कॉलिंग के लिए प्रति मिनट 6 पैसे करने पड़ेंगे खर्च
जानकारी दें कि दरअसल, जियो ने आईयूसी चार्ज का हवाला देते हुए उपभोक्ताओं को अन्य नेटवर्क पर दी जा रही फ्री कॉलिंग की सुविधा को खत्म कर दिया है। जियो उपभोक्ताओं को नए रिचार्ज के साथ अन्य नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए प्रति मिनट 6 पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। जियो अन्य सेवाएं पहले की तरह ही प्रदान कर रही है, जिसमें ग्रहाकों को जियो नेटवर्क पर फ्री कॉलिंग और डेटा सेवाएं मिल रही हैं। बता दें कि आईयूसी चार्ज को लेकर जियो और अन्य टेलीकॉम कंपनियों में खींचा-तानी चल रही है। जियो द्वारा उपभोक्ताओं पर लगाए गए चार्ज को अन्य टेलीकॉम कंपनियां मौके के रूप में देख रही हैं और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को लुभाने की कोशिश में लगी हुई हैं। वहीं जियो ने आईयूसी चार्ज को लेकर अन्य प्रतिद्वंदी कंपनियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
जियो ने इन कंपनियों पर लगाया आरोप
जानकारी के मुताबिक रिलायंस जियो ने भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और बीएसएनएल पर लैंडलाइन नंबर को मोबाइल नंबर बताकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इस संबंध में जियो ने ट्राई को पत्र भी लिखा है और प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर जुर्माने की मांग की है। वहीं एयरटेल ने जियो पर आरोप लगाया है कि वह ट्राई को बरगलाने की कोशिश कर रही है। रिलायंस जियो ने ट्राई को लिखे पत्र में कहा है कि दोनों प्रतिस्पर्धी कंपनियां ने अपने कॉरपोरेट उपभोक्ताओं को हेल्पलाइन नंबरों के लिये दिये लैंडलाइन नंबरों को मोबाइल नंबर बताकर सरकारी खजाने को चूना लगाया है। इससे उसे भी (जियो को) सैंकड़ो करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं जियो ने कहा कि इसके साथ ही ऐसा करने से दोनों प्रतिस्पर्धी कंपनियों को गलत तरीके से कमायी हुई।
जानें क्या होता आईयूसी चार्ज
आईयूसी चार्ज वह राशि होती है, जो एक टेलीकॉम ऑपरेटर दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर को एक दूसरे के नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए दिए जाते हैं। लेकिन मोबाइल फोन से वायरलाइन नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए कोई आईयूसी चार्ज नहीं देना होता है। दूसरी ओर जानकारी के मुताबिक एयरटेल ने जियो के आरोपों को खारीज किया है, जबकि वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया है।
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