जियो यूजर्स के लिए एक बुरी खबर है। जी हां रिलायंस जियो द्वारा आईयूसी (IUC) लिए जाने की घोषणा के बाद से इंडस्ट्री में काफी हलचल मच गई है। तो वहीं जियो ने जब आईयूसी लेने की बात कही तो उस पर 3 साल पहले किए गए मुफ्त वॉयस कॉलिंग देने के वादे को तोड़ने का आरोप भी लगा। इसी तरह एयरटेल और वोडाफोन ने भी जियो के इस कदम की निंदा करते हुए खुद भविष्य में किसी प्रकार का आईयूसी चार्ज न लेने की बात कह दी है। मामले में अपनी सफाई देते हुए जियो ने एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में कंपनी ने ट्राई की एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए हर महीने के लिए जाने वाले 12 रुपये के चार्ज को सही बताने की कोशिश की है।

जियो ने अपने एक ट्वीट में कहा कि इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज ग्राहकों पर ज्यादा भार नहीं डालने वाला। जियो ने इसके साथ ही कहा कि वह ट्राई के डेटा के अनुसार ही काम कर रहा है। ट्राई के डेटा के मुताबिक उद्योग में अभी तक उपयोगकर्ता हर महीने लिया जाने वाला आईयूसी प्रति माह 12 रुपये है। इस गणना से यह एक महीने में दूसरे नेटवर्क्स पर किए जाने वाले कॉल के तौर पर 200 मिनट होता है।
तो वहीं जियो इसी को आधार मानते हुए कह रहा है कि आज के समय में एक महीने के लिए 12 रुपये देना किसी भी ग्राहक के लिए बड़ी बात नहीं है। कॉलिंग की बात करें तो जियो ने अपने नेटवर्क और लैंडलाइन पर की जाने वाली कॉल्स को अभी भी मुफ्त रखा है। जियो के महंगे प्लान लेने वाले प्रीपेड यूजर्स के लिए 12 रुपये देना कोई बड़ी बात नहीं होगी। वहीं, अगर इसकी तुलना दूसरी कंपनियों से करें तो वे वेलिडिटी के नाम पर सब्सक्राइबर्स से एस्क्ट्रा मनी ले रही हैं।
इसके अलावा मौजूदा आईयूसी चार्ज की बात करें तो यह 31 दिसंबर 2019 तक लागू रहेगा। जियो को उम्मीद है कि यह अगले साल की शुरुआत से ट्राई आईयूसी को जीरो कर देगा। हालांकि, एयरटेल और दूसरे ऑपरेटर इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि आईयूसी खत्म किए जाने के कारण देश के स्वच्छ क्षेत्रों में सेवा देना उनके लिए गंभीर साबित होगा।


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