यहां पर आपको फेसबुक की डिजिटल करेंसी लिब्रा के बारे में बताएंगे।
फेसबुक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपनी खुद की करेंसी लिब्रा लेकर आ रहा है जिसमें कि निवेश किया जा सकता है। फेसबुक का दावा है कि लिब्रा को न केवल ग्लोबली इस्तेमाल किया जाएगा बल्कि, इससे ई-कॉमर्स को बढ़ावा मिलेगा और विज्ञापनों के जरिए ज्यादा कमाई के मौके भी मिलेंगे।

अभी फेसबुक के इस प्रोजेक्ट में कई हाई-प्रोफाइल डिफेक्शन्स यानी कमियां हैं, वहीं अमेरिकी व्यापारियों और नेताओं की ओर से इसके खिलाफ विरोध भी जताया गया है लेकिन इस डिजिटल करेंसी के गवर्निंग के लिए बनाए गए फेसबुक के नॉन प्रॉफिट असोसिएट्स लिब्रा एसोसिएशन ने सोमवार को इसके 21 चार्टर सदस्यों के नाम पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए गए हैं।
लिब्रा एसोसिएशन ने सोमवार को जेनेवा में हुई ऑर्गनाइजेशन इनॉग्रल मीटिंग में अपने 21 सदस्यों के नामों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद Uber, Lyft, Spotify और Vodafone जैसी बड़ी कंपनियाँ इस असोसिएशन का हिस्सा बन गई हैं। इसके अलावा इस असोसिएशन में कई वेंचर कैपिटल फर्म्स हैं। पहले 27 सदस्य थे, लेकिन बाद में वीजा, मास्टरकार्ड और पेपाल जैसी कंपनियां पीछे हट गए।
आपको बता दें कि असोसिएशन ने एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि उनके अलावा 180 दूसरी फर्म्स और कंपनियों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है और जॉइन करने के लिए जरूरी अनिवार्यताओं को पूरा किया है।
लिब्रा की घोषणा करने के बाद से ही फेसबुक यूएस रेगुलेटर्स और पॉलिटिशियन्स की तरफ से आलोचना झेल रहा है।
उनका कहना है कि डेटा प्राइवेसी को लेकर फेसबुक की परेशानियां लिब्रा को भी प्रभावित करेंगी जो बहुत बड़ी परेशानी साबित हो सकती हैं लेकिन बचाव में फेसबुक का कहना है कि लिब्रा एसोसिएशन पूरी तरह से अलग लीगल एंटिटी होगी और फेसबुक का इस पर मालिकाना हक नहीं होगा। लेकिन सच्चाई यह है कि फेसबुक इसमें इन्वॉल्व है।


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