जैसा कि आप जानते हैं कि सरकारी बैंकों ने लोगों को कर्ज देने के लिए 250 जिलों लोन मेला लगाया था। यह मेला पहले चरण के लिए था जो कि अब खत्म हो चुका है। आपको बता दें कि 1 से 9 अक्टूबर के बीच देश भर में लोन मेला लगाकर सरकारी बैंकों ने करीब 81,781 करोड़ रुपये के कर्ज बांटे हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाक़ात के बाद वित्त सचिव ने यह जानकारी दी है। आर्थिक सुस्ती से जूझ रही अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मोदी सरकार ने बैंकों से लोन मेला लगाकर कर्ज देने की व्यवस्था करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों के इस लोन मेले के माध्यम से नए बैंकों को 34,342 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया।
यह लोन मेला देश में आर्थिक सुस्ती से जूझ रही अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। तो वहीं लोन मेले का नया चरण दिवाली से ठीक पहले 21-25 अक्टूबर 2019 को आयोजित किया जा रहा है। वित्त सचिव ने बताया कि लोन मेले में ग्राहकों की काफी दिलचस्पी देखी गई और सरकारी क्षेत्र के सभी बैंक नियामक के निर्देश के मद्देनजर ही लोन बांटने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
आपको याद दिला दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने त्यौहारी सीजन में खपत बढ़ने के साथ दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटाने के उद्देश्य से सभी सरकारी और प्राथमिक बैंकों को लोन मेला लगाने के लिए कहा था। वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार देश के 400 जिलों में कैंप लगवाएगी। बैंक इन जिलों में कैम्प लगाकर लोन उपलब्ध करवाएंगे। अब देखना है कि अगले चरण में कर्ज बांटने की सीमा कितने करोड़ रुपए तक जाती है।


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