फाइनेंशियल ईयर 2020 की दूसरी तिमाही में आईटी कंपनी इंफोसिस का मुनाफा तिमाही आधार पर 5.8 प्रतिशत बढ़ गा है। इस दौरान कंपनी को 4019 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा तिमाही आधार पर 6.8 प्रतिशत घटकर 3802 करोड़ रुपए रहा था। फिलहाल सालाना आधार पर इंफोसिस का मुनाफा कम हुआ है। तो वहीं वित्त वर्ष 2019 की समान तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 4110 करोड़ रुपए रहा था। इस दौरान कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस में बढ़ोत्तरी की है।

आपको बता दें कि इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2020 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 9-10 प्रतिशत कर दिया है। इसके पहले यह 8.5-10 प्रतिशत रखा गया था। इन्फोसिस ने EBIT ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस रेंज 21-23 प्रतिशत बरकरार रखा है।
तो वहीं रुपये के टर्म में रेवेन्यू तिमाही आधार पर लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर 23255 करोड़ रुपये हो गया है। जबकि जून तिमाही में यह 21,803 करोड़ रुपये रहा था। सालाना आधार पर भी इसमें दसवां स्थान है। एक साल पहले की समान अवधि इन्फोसिस का रेवेन्यू 21,348 करोड़ रुपये रहा था।
जबकि सितंबर तिमाही के लिए इन्फोसिस का ऑपरेटिंग मार्जिन 21.70 प्रति रहा है। जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 23.70 प्रतिशत था। आपरेटिंग प्रॉफिट 0.40 प्रतिशत बढ़कर 4,912 करोड़ हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 4,894 करोड़ रुपये था। इसके अलावा इन्फोसिस ने शेयर धारकों को 8 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है।
साथ ही सालाना आधार पर इंफोसिस का डिजिटल ग्रोथ 38.4 फीसदी रहा है। कांस्टेंट करंसी ग्रोथ सालाना आधार पर 11.4 फीसदी रहा है। जबकि तिमाही आधार पर 3.3 प्रतिशत रहा है। इस दौरान कंपनी को 280 करोड़ डॉलर के नए ऑर्डर मिले।
आपको बता दें कि कंपनी ने सितंबर तिमाही में 50 मिलियन डॉलर की कटेगिरी में 2 नए क्लाइंट औार 1 मिलियन डॉलर में कटेगिरी में 13 नए क्लाइंट जोड़े हैं। आईटी कंपनी का स्टैंडअलोन एट्रिशन रेट 21.5 प्रतिशत से घटकर 19.4 प्रतिशत हो गया है। कंसो एट्रिशन रेट भी 23.4 प्रतिशत से घटकर 21.7 प्रतिशत रहा है।


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