देश सरहद पर काम करने वाले जवानों और उनके परिवार वालों के लिए खुशखबरी है क्योंकि मोदी सरकार ने उनके लिए एक बड़ा फैसला लिया है।
देश सरहद पर काम करने वाले जवानों और उनके परिवार वालों के लिए खुशखबरी है क्योंकि मोदी सरकार ने उनके लिए एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके अनुसार जवानों को आर्थिक रुप से सुरक्षा और मदद मिलेगी। जी हां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युद्ध के दौरान दिव्यांग (बैटल कैजुअल्टी -बीसी) होने के साथ सभी श्रेणियों के जवानों के परिजनों को आर्थिक सहायता में वृद्धि करते हुए इसे दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि सेना की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मौद्रिक सहायता को बढ़ाने के लिए मौद्रिक सहायता को मौजूदा 2 लाख रुपये से 8 लाख रुपये तक कर दिया है।
आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि यह राशि सेना युद्धपोत कल्याण कोष (एबीसीडब्ल्यूएफ) के तहत दी जाएगी। इससे पहले, बैटल कैजुअल्टी में 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता के लिए दो लाख रुपये और 60 प्रतिशत से कम दिव्यांगता के लिए एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान था। यह पारिवारिक पेंशन, सेना समूह बीमा, सैन्य कल्याण कोष और अनुग्रह राशि से मिलने वाली वित्तीय सहायता के अतिरिक्त थी।
जानकारी हो कि फरवरी 2016 में, सियाचिन में हुई हिमस्खलन की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना जिसमें 10 सैनिकों के बर्फ में दब जाने के बाद बैटल कैजुअल्टी के तहत उनके परिवारों को बड़ी संख्या में लोगों द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान करने की पेशकश के बाद, रक्षा मंत्रालय ने भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग को (ईएसडब्ल्यू) के तहत एबीसीडब्ल्यूएफ का गठन किया था।
मोदी सरकार का यह फैसला इस त्योहार के लिए दिवाले के तोहफे के सामान होगा, जिसका लाभ उनको और उनके आश्रितों को मिलेगा। इससे लोगों में सेना में भर्ती को लेकर और भी इच्छाएं जागृत होंगी। क्योंकि लोगों को दृढ़ इच्छाशक्ति और भी ज्यादा मजबूत होगी।


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