प्याज के बाद अब टमाटर की कीमत आसमान पर पहुंच गई है। प्याज के बाद टमाटर की कीमतों में मानों जैसे आग लगी है।
नई दिल्ली: प्याज के बाद अब टमाटर की कीमत आसमान पर पहुंच गई है। प्याज के बाद टमाटर की कीमतों में मानों जैसे आग लगी है। पिछले एक हफ्ते में 30 से 40 रुपए प्रति किलो के भाव पर मिलने वाला टमाटर अब 80 रुपये के पार पहुंच गया है। बीते 10 दिन में देश की राजधानी दिल्ली में टमाटर का दाम डेढ़ गुना बढ़ गए हैं। दिल्ली में इस समय टमाटर महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश से आ रहा है। कारोबारियों ने बताया कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश के कारण फसल खराब हो गई है, जिससे टमाटर की आवक भी कमजोर है। बात करें अगर पेट्रोल की तो वहीं दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के दाम गिरकर 74.04 रुपये पर आ गए है।

इन सब्जियों की कीमत में आई भारी बढ़ोतरी
दिल्ली एनसीआर में प्याज 60 से 80 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। वहीं आजादपुर मंडी में शुक्रवार को दिल्ली में टमाटर का थोक भाव 12-46 रुपये प्रति किलो था और आवक 556 टन थी। इससे पहले 25 सितंबर को आजादपुर मंडी में टमाटर 34 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था और उस समय आवक 560 टन थी। टमाटर और प्याज के अलावा, गोभी की कीमतों की बात करें तो यह 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। लौकी 40 रुपये प्रति किलो तो केला 50 रुपये प्रति दर्जन बिक रहा है। सेब के दाम 90-150 रुपये प्रति किलोग्राम है।
भारी बारिश से टमाटर की फसल खराब
बता दें कि कारोबारियों के अनुसार, मानसून सीजन में सितंबर के आखिरी हफ्ते में हुई भारी बारिश से टमाटर की फसल खराब हो जाने से भाव चढ़ रहा है। प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए सरकार पहले ही इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा चुकी है। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में टमाटर की बंपर पैदावार होती है, लेकिन बारिश के चलते वहां फसल न के बराबर हुई है। इस कारण टमाटर की आवक कमजोर हो गई है और भाव चढ़ गए हैं।
इन वजहों से महंगा हो रहा टमाटर
जानकारी दें कि कारोबारियों का कहना है कि मानसून सीजन में सितंबर के आखिरी हफ्ते में हुई भारी बारिश से टमाटर की फसल खराब हो गई है। दिल्ली की आजादपुर मंडी के कारोबारियों का कहना है कि टमाटर जल्दी खराब होने वाली सब्जी है। ऐसे में बारिश से ज्यादा नुकसान हुआ है। इसी वजह से दाम बढ़े हैं। आजादपुर मंडी में शुक्रवार को टमाटर का थोक भाव 700-1,000 रुपये प्रति पैकेट (एक पैकेट में 25 किलो) था। प्याज की कीमतों को काबू करने के लिए सरकार एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा चुकी है।


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