अटल पेंशन योजना के तहत 1.8 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स ने पंजीकरण कराया।
अटल पेंशन योजना को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत पंजीकृत अभिदाताओं की संख्या हाल ही में 1.8 करोड़ से अधिक हो गई। मनी भास्कर की रिर्पोट के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष अटल पेंशन योजना के तहत अभिदाताओं का पंजीकरण बेहतर रहा है, इस वित्तीय वर्ष के प्रत्येक कार्य दिवस में औसतन 15,000-20,000 एपीवाई खाते खोले जा रहे हैं जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 60% की वृद्धि दर्शाता है।

एपीवाई में इस असाधारण वृद्धि के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रमुख योगदानकर्ता- भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और इंडियन बैंक हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के मामले में, त्रिपुरा ग्रामीण बैंक, महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, पश्चिम बंगाल ग्रामीण बैंक, आंध्र प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक, काशी गोमती समन्वित ग्रामीण बैंक, उत्तर बंगा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, प्रथम बैंक, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
तो वहीं निजी क्षेत्र के बैंक और पेमेंट बैंक की श्रेणी में एचडीएफसी बैंक और एयरटेल पेमेंट बैंक ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
आपको बता दें कि अटल पेंशन योजना, भारत सरकार की गारंटीड पेंशन योजना है, जिसे पीएफआरडीए द्वारा विनियमित किया जाता है I यह योजना 18-40 वर्ष की आयु समूह के सभी भारतीय नागरिकों को बैंक या डाकघर शाखाओं, जहां उनकी बचत बैंक खाता है, के माध्यम से शामिल होने की सुविधा देती है। योजना के अनुसार, पंजीकृत अभिदाता को 60 वर्ष की आयु से 1000 रुपए से 5000 रुपए प्रतिमाह की न्यूनतम गारंटटीड पेंशन प्राप्त होगी, जो कि उसके द्वारा दिए गए अंश दानों पर निर्भर करेगा।
तो वहीं अभिदाता की मृत्यु की स्थिति में उसके पति/पत्नी को समान पेंशन राशि प्राप्त होगी। अभिदाता और उसके पति/पत्नी दोनों की मृत्यु की स्थिति में, अभिदाता की 60 वर्ष की आयु तक संचित हुए पेंशन कोष को नामिनी को वापस कर दिया जाएगा।


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