आरबीआई: इस सप्‍ताह कम हो सकती है आपके लोन की ईएमआई

आरबीआई शुक्रवार को नीतिगत दरों में एक और कटौती कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो ब्याज दरों में यह लगातार पाँचवीं कटौती होगी।

आरबीआई शुक्रवार को नीतिगत दरों में एक और कटौती कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो ब्याज दरों में यह लगातार पाँचवीं कटौती होगी। जिससे आपके लोन की ईएमआई कम हो सकती है। सरकार ने आगामी त्योहारी सीजन में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन को कॉरपोरेट कर की दर में कटौती और ऋण का उठाव बढ़ाने को कदम उठाए हैं। दरों में कटौती के बाद आपकी ईएमआई घटेगी क्योंकि कई बैंकों ने लोन को रेपो रेट से सूची कर दिया है।

4 अक्‍टूबर को आएंगे नतीजे

4 अक्‍टूबर को आएंगे नतीजे

ऐसा माना जा रहा है कि सरकार के कदम के अनुरूप केंद्रीय बैंक भी रेपो दर में और कटौती कर सकता है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) तीन दिन की बैठक के बाद चार अक्टूबर यानी शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा की घोषणा करेगी।

आपको बता दें कि जनवरी से अभी तक केंद्रीय बैंक चार बार में रेपो दर में 1.10 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। इससे पहले अगस्त में हुई पिछली मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो दर को 0.35 प्रतिशत घटाकर 5.40 प्रतिशत कर दिया था।

आरबीआई का बैंकों के लिए आदेश

आरबीआई का बैंकों के लिए आदेश

उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने बैंकों को एक अक्टूबर से अपनी ऋण दरों को बाहरी मानकों मसलन रेपो दर से जोड़ने का निर्देश दिया है। मौद्रिक समीक्षा बैठक से पहले दास की अगुवाई वाली वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) उप समिति ने वृहद आर्थिक स्थिति पर विचार विमर्श किया।

तय है कटौती

तय है कटौती

एक्‍सपर्ट का कहना है कि सरकार के हाथ बंधे हुए हैं और अब पहल करने का काम केंद्रीय बैंक को करना है। ऐसे में ब्याज दरों में एक और कटौती तय है। सीबीआई के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका) अंशुमान ने कहा है कि सरकार ने पिछले कुछ सप्ताह के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलावों के लिए कई उपाय किए हैं। हालाँकि, इनमें से ज्यादातर उपाय आपूर्ति पक्ष का कम कम करने वाले हैं। मुख्य चुनौती मांग पैदा करने की है।

रेपो दर को 5 से 5.25 प्रतिशत के दायरे में लाया जाएगा

रेपो दर को 5 से 5.25 प्रतिशत के दायरे में लाया जाएगा

उन्होंने कहा, 'ऐसे में हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले सप्ताह रिजर्व बैंक रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर इसे 5.15 प्रतिशत पर लाएगा।' आईडीएफसी एएमसी के प्रमुख (निश्चित आय) सुयश चौधरी ने कहा कि वैश्विक और घरेलू परिदृश्य कमजोर है। जिससे मौद्रिक रुख में नरमी की गुंजाइश है। हमें उम्मीद है कि रेपो दर को 5 से 5.25 प्रतिशत के दायरे में लाया जाएगा।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+