छोटी बचत योजनाओं को लेकर बड़े फैसले जल्द ही आ सकते हैं।
छोटी बचत योजनाओं को लेकर बड़े फैसले जल्द ही आ सकते हैं। जी हां केंद्र सरकार एनएससी और पीपीएफ सहित सभी छोटी बचत योजनाओं (लघु बचत योजनाएं) की ब्याज दरों पर 30 सितंबर तक फैसला लेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छोटी बचत योजना पर ब्याज दरों में 10 बेसिस अंक यानी 0.10 फीसदी तक कम हो सकता है। यह अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए लागू होगा। आपको बता दें कि सरकार छोटी बचत योजनाओं यानी स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें हर तिमाही आधार पर होती है। यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह कब इसमें बदलाव करे। स्पष्ट कर दें कि यह जरूरी नहीं है कि सरकार हर तिमाही बदलाव करे।

लाइवमिंट की रिर्पोट के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के लिए पीपीएफ, एनएससी, केवीपी की ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए सरकार पहले ही पीसीबीएफ और दूसरी छोटी बचत योजना पर 0.10 प्रतिशत कटौती कर चुकी है। आपको बता दें कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
वर्तमान में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट ब्याज दर: 7.9 प्रतिशत
पब्लिक प्रोविडेंट फंड ब्याज दर: 7.9 प्रतिशत
सुकन्या समृद्धि योजना ब्याज दर: 8.4 प्रतिशत
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना ब्याज दर: 8.6 प्रतिशत
किसान विकास पत्र (KVP) ब्याज दर: 7.6प्रतिशत
बता दें कि माना जा रहा है कि आरबीआई के बेंचमार्क से ब्याज दर को जोड़ने के बाद बैंक भी ब्याज संख्या कम कर रहे हैं। हाल ही में बैंकों ने फिस्क्ड डिपॉजिट पर भी ब्याज दरें कम की हैं। ऐसे में स्मॉल सेविंग पर भी ब्याज दरें घटाई जा सकती हैं। सितंबर महीने के अंत में अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज इकाइयां तय होनी हैं। जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए सरकार पहले ही पीपीएफ और दूसरी छोटी बचत योजना पर 0.10 प्रतिशत कटौती कर चुकी है।


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