ब्रिटेन की दिग्गज ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक ने रविवार को दिवालिया होने की घोषणा कर दी। जी हां 178 साल पुराने थॉमस कुक पर करीब 15 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है।
नई दिल्ली: ब्रिटेन की दिग्गज ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक ने रविवार को दिवालिया होने की घोषणा कर दी। जी हां 178 साल पुराने थॉमस कुक पर करीब 15 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। संचालन जारी रखने के लिए 1766 करोड़ रुपए की तत्काल जरूरत थी। ऐसे में कंपनी ने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद शेयरधारकों और कर्जदाताओं से समझौता नहीं हो पाया, इसलिए दिवालिया की अर्जी दाखिल करने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं था।

थॉमस कुक देती थी ये सुविधाएं
बता दें कि थॉमस कुक 16 देशों में हर साल 19 करोड़ लोगों को होटल, रिसॉर्ट और एयरलाइन सर्विस मुहैया करवा रही थी। थॉमस कुक के बंद होने से दुनियाभर में 6 लाख पर्यटक फंस गए हैं। थॉमस कुक के कारोबार बंद होने से भारत के पर्यटन सेक्टर को भी नुकसान होगा। भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या बुरी तरह से प्रभावित होगी, जिससे आनेवाले महीनों में देश की विदेशी मुद्रा आय पर बुरा असर पड़ेगा। वहीं पर्यटन उद्योग के सूत्रों के मुताबिक थॉमस कुक ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों से मोटा खर्च करनेवाले पर्यटकों को भारत भेजती थी। ब्रिटेन, जर्मनी और इटली जैसे देशों में थॉमस कुक की अच्छी उपस्थिति थी, जोकि भारत के लिए प्रमुख स्रोत बाजार हैं।
भारत आनेवाले पर्यटकों की संख्या घटेगी
जानकारी के मुताबिक थॉमस कुक के बंद होने से निश्चित रूप से भारत आनेवाले पर्यटकों की संख्या घटेगी। समूचा पर्यटन उद्योग फिलहाल संघर्ष कर रहा है। वहीं नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत आनेवाले कुल विदेशी पर्यटकों में ब्रिटेन की हिस्सेदारी अगस्त 2019 में 8.01 फीसदी थी। शीर्ष यूरोपीय स्रोत बाजारों में जर्मनी के पर्यटक पिछले महीने कुल विदेशी पर्यटकों में 1.85 फीसदी रहे। वहीं अगस्त 2019 में कुल एफटीए 7,98,587 रहा, जबकि अगस्त 2018 में यह 7,86,003 था।
दूसरी तरफ देखा जाए तो वैश्विक मंदी का असर पर्यटन क्षेत्र पर भी हो रहा है और आने वाले महीनों में विदेशी पर्यटकों की वृद्धि दर भी प्रभावित होगी। इसके साथ ही दुनिया की पर्यटन कंपनी थॉमस कुक दिवालिया होने जा रही है, जिससे भारतीय पर्यटन कारोबार को कठिन समय का सामना करना पड़ेगा।


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