नई दिल्ली। बीते हफ्ते सोने और चांदी के रेट में उल्टी चाल देखने का मिली। जहां सोना महंगा हुआ, वही चांदी के रेट में गिरावट दर्ज की गई। बीते हफ्ते जहां सोना 100 रुपये प्रति दस ग्राम महंगा हुआ वहीं चांदी के रेट में 125 रुपये की कमी दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि सोना अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ गया है। और आजकल जिस रेट पर सोना है, वहां पर अपनी कंसोलीडेट कर रहा है यानी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यही कारण है कि लगभग पूरे हफ्ते सोने के रेट में कोई बड़ा अंतर नहीं आया।
एक हफ्ते में सोना और चांदी के रेट में आया कितना अंतर
-सोना स्टैंडर्ड प्रति 10 ग्राम: 100 रुपये महंगा हुआ
-सोना बिटुर प्रति 10 ग्राम : 100 रुपये महंगा हुआ
-चांदी हाजिर प्रति किलोग्राम : 125 रुपये कम हुए दाम
-चांदी वायदा प्रति किलोग्राम : 472 रुपये कम हुए दाम
-सिक्का लिवाली प्रति इकाई : 20 रुपये घटा
-सिक्का बिकवाली प्रति इकाई : 20 रुपये घटा
-गिन्नी प्रति आठ ग्राम : कोई अंतर नहीं
सोमवार के सोने और चांदी के रेट
-सोना स्टैंडर्ड प्रति 10 ग्राम: 38,570 रुपये
-सोना बिटुर प्रति 10 ग्राम : 38,400 रुपये
-चांदी हाजिर प्रति किलोग्राम : 47,425 रुपये
-चांदी वायदा प्रति किलोग्राम : 46,937 रुपये
-सिक्का लिवाली प्रति इकाई : 960 रुपये
-सिक्का बिकवाली प्रति इकाई : 970 रुपये
-गिन्नी प्रति आठ ग्राम : 30,000 रुपये
शनिवार के सोने और चांदी के रेट
- सोना स्टैंडर्ड प्रति 10 ग्राम : 38,670 रुपये
- सोना बिटुर प्रति 10 ग्राम : 38,500 रुपये
- चांदी हाजिर प्रति किलोग्राम : 47,300 रुपये
- चांदी वायदा प्रति किलोग्राम : 46,465 रुपये
- सिक्का लिवाली प्रति इकाई : 940 रुपये
- सिक्का बिकवाली प्रति इकाई : 950 रुपये
- गिन्नी प्रति आठ ग्राम : 30,000 रुपये
सोने में कितना उतार-चढ़ाव
इस हफ्ते सोना लगभग सपाट रहा है, जबकि महीने के आधार पर बात करें तो उसमें 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं साल की बात करें तो इसमें एक साल में 22.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।
चांदी में कितना उतार-चढ़ाव
इस हफ्ते चांदी की कीमत में 1.7 प्रतिशत का उछाल आया, जबकि महीने आधार पर बात करें तो चांदी में 6.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं एक साल की बात करें तो इसमें 23.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
जानिए पिछले सालों में कितना मिला है रिटर्न
सालाना आधार में सोने से मिले हुए रिटर्न की बात करें तो साल 2019 में 19.6 प्रतिशत का रिटर्न मिला था। वहीं साल 2018 में निगेटिव रिटर्न यारी 1.15 प्रतिशत का नुकसान हुआ था। साल 2017 में सोने ने 12.57 प्रतिशत का रिटर्न दिया था। इसके अलावा जहां साल 2016 में 8.63 प्रतिशत का रिटर्न वहीं साल 2015 में 11.6 प्रतिशत सोने में निवेश करने वालों को घाटा उठाना पड़ा था।
इससे भी बीते सालों में रिटर्न
-साल 2014 में 0.9 प्रतिशत का घाटा
-साल 2013 में 28 प्रतिशत का घाटा
-साल 2012 में 5.7 प्रतिशत का रिटर्न
-साल 2011 में 11.65 प्रतिशत का रिटर्न
-साल 2010 में 27.74 प्रतिशत का रिटर्न
वार्षिक आधार पर भारत में सोने का आयात
देश में वार्षिक आधार पर सोने की मांग बढ़ रही है। आयात के आंकड़ों के अनुसार साल 2018 में 757 टन, साल 2017 में 880 टन, साल 2016 में 510 टन, साल 2015 में 905 टन, साल 2014 में 826 टन, साल 2013 में 783 टन, साल 2012 में 969 टन, साल 2011 में 1211 टन और साल 2010 में 1123 टन सोने का आयात किया गया था।


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