रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स में कमी किए जाने से कंपनियों की नेट आय बढ़ेगी।
आपको बता दें कि शुक्रवार को भारत में कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की गई है जिसकी चर्चा देश-विदेश में हर जगह है। इसी को लेकर रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स में कमी किए जाने से कंपनियों की नेट आय बढ़ेगी। साथ ही साख भी बढ़ेगी। लेकिन सरकार का रोजमर्रा के लिए खर्च बढ़ सकता है।

आपको बता दें कि मूडीज इन्वेस्टर्स के सर्विस के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट विकास हलान ने कहा है कि मोदी सरकार द्वारा कंपनी टैक्स में 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी करने पर कंपनियों की नेट आय में इजाफा होगा। साथ ही कंपनी की साख भी बढ़ेगी। लेकिन इस मामले में उन्होंने आगे कहा कि साख पर अंतिम असर इस बात पर निर्भर करता है कि कंपनियां अपनी कमाई का उपयोग इनवेस्टमेंट में करते हैं या कर्ज कटौती में या फिर अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न देते हैं।
तो वहीं कॉरपोरेट टैक्स घटाने से कंपनियों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि सरकार को घाटे का जोखिम रहेगा। रेटिंग एजेंसी ने ये भी कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि सरकार आर्थिक स्थित को मजबूत करने के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करेगी।
इस तरह से कुल मिलाकर, भारत में नॉन फाइनेंशियल कंपनियों ने फिस्कल ईयर मार्च 2019 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में तकरीबन 35 अरब डॉलर की नेट इनकम हुई। कॉरपोरेट में कर कटौती से कंपनियों का 3 अरब डॉलर बचने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि बजट में करेंट फिस्कल ईयर के लिए 3.3 प्रतिशत वित्तीय घाटे का अनुमान रखा गया है, जिसमें मूडीज को शंका है कि वित्तीय घाटा बढ़ सकता है। कॉरपोरेट सेक्टर को टैक्स में कटौती की घोषणा में ही नियामकों ने 6.8 लाख रुपये की कमाई की।


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