पीएम मोदी अमेरिका में, इनर्जी सेक्टर के लिए हुआ बड़ा करार

ह्यूसटन (अमेरिका)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका पहुंचते ही अपनी गतिविधियों से सभी को चौंका दिया। इन्होंने अमेरिका पहुंचते ही जहां इनर्जी कंपनियों के साथ लम्बी बैठक की, वहीं विभिन्न भारतीय समुदाय के लोगों से अलग अलग मुलाकार की। ह्यूसटन अमेरिका का इनर्जी सिटी कहा जाता है। भारत को इनर्जी की जरूरत भी है। इसी कारण पीएम मोदी ने ह्यूसटन पहूंचते ही सबसे पहला ट्वीट कर कहा कि यह असंभव है कि ह्यूसटन में हों और इनर्जी पर बात न हो। इसी के साथ वे तेल क्षेत्र की कई कंपनियों के सीईओ से मिले। इस बैठक के बाद भारतीय कंपनी पेट्रोनेट और अमेरिकी कंपनी टेल्यूरियन के बीच अहम समझौते की घोषणा भी हुई। पीएम मोदी अभी 1 सप्ताह अमेरिका में रहेंगे और इस दौरान कई कारोबारी समझौतों पर घोषणा हो सकती है।

इन इनर्जी कंपनियों के सीईओ से मिले पीएम मोदी

इन इनर्जी कंपनियों के सीईओ से मिले पीएम मोदी

ह्यूस्टन आते ही सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल सेक्टर के 16 सीईओ से ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर बात की। इस दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर भी मौजूद रहे। मोदी के साथ अमेरिका की जिन प्रमुख कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की, उनमें बेकर हग्स, बीपी, चेनीर इनर्जी, डोमीनियन इनर्जी, इमरसन इलेक्ट्रिक कंपनी, एक्सनमोबिल, पेरट ग्रुप एंड हिलवुड, आईएचएस मार्किट, ल्योंडेलबासेल इंडस्ट्रीज, मैकडेरमट, स्क्लंबर्गर, टेल्यूरियन, टोटल, एयर प्रोडक्ट्स, विनमार इंटरनेशनल और वेस्टलेक केमिकल्स हैं।

टेल्यूरियन और पेट्रोनेट के बीच हुआ समझौता

टेल्यूरियन और पेट्रोनेट के बीच हुआ समझौता

इस दौरान टेल्यूरियन और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के तहत पीएलएल अमेरिका से सालाना 50 लाख टन लिक्विफाइड नैचरल गैस (एलएनजी) का आयात करेगी। इस समझौते से भारत को कम कीमत पर स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति होगी। साल 2016 में शेरिफ सौकी, टेल्यूरियन एलएनजी ने अप्रैल में कंपनी के प्रस्तावित ड्रिफ्टवुड एलएनजी निर्यात टर्मिनल को बनाने का परमिट प्राप्त किया था। प्रतिवर्ष 2.76 करोड़ मीट्रिक टन एलएनजी तक का उत्पादन करने के लिए ड्रिफ्टवुड एलएनजी का डिजायन बनाया गया है। एमओयू के अनुसार, पेट्रोनेट ड्रिफ्टवुड होल्डिंग में निवेश करेगा जिससे पेट्रोनेट को प्रॉजेक्ट के पहले चरण या दूसरे चरण से प्रतिवर्ष 50 लाख टन एलएनजी खरीदने का अधिकार मिल जाएगा।

अमेरिका से लगातार बढ़ रहा है ईंधन का आयात

अमेरिका से लगातार बढ़ रहा है ईंधन का आयात

भारत और अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए पिछले साल अमेरिका इंडिया स्ट्रेटेजिक इनर्जी पार्टनरशिप पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिका ने 2017 में भारत को क्रूड ऑयल बेचना शुरू किया था। अमेरिका से आपूर्ति वित्त वर्ष 2018-19 में चार गुनी से ज्यादा बढ़कर 64 लाख टन हो चुकी है। भारत ने नवंबर 2018 से मई 2019 तक अमेरिका से प्रतिदिन 1,84,000 बैरल तेल प्रतिदिन खरीदा है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+