इलाहाबाद बैंक ने 1 अक्टूबर, 2019 से रेपो रेट से जुड़े खुदरा और लघु व्यवसाय ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
इलाहाबाद बैंक ने 1 अक्टूबर, 2019 से रेपो रेट से जुड़े खुदरा और लघु व्यवसाय ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक के 4 सितंबर को जारी दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है। इसने यह भी कहा कि यह बड़ी बचत जमाओं को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के रेपो-रेट से उसी तारीख को जोड़ देगा।

बैंक ने कहा कि उसने फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एफबीआईएल) द्वारा प्रकाशित बाहरी बेंचमार्क दरों से जुड़ी खुदरा और सूक्ष्म एवं लघु उपक्रम लोन शुरू करने का फैसला किया है। बैंक ने कहा कि उसने 40 लाख रुपये या उससे अधिक की बचत बैंक जमा, दीर्घावधि की मियादी जमा, थोक जमा और फ्लेक्सी मियादी जमा को बाहरी बेंचमार्क दर यानी रिजर्व बैंक की रेपो दर से जोड़ने का फैसला किया है। आम जनता को बैंक के ये उत्पाद 1 अक्टूबर, 2019 से उपलब्ध होंगे।
सेबी विनियम, 2015 के संदर्भ में, हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि दिनांक 04 सितंबर 2019 को आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज से जुड़े खुदरा ऋण और ऋण लॉन्च करने का निर्णय लिया है।
तो वहीं 40.00 लाख और उससे अधिक के सभी सेविंग बैंक डिपॉजिट्स, लॉन्ग टेन्योर फिक्स्ड डिपॉजिट, बल्क डिपॉजिट्स और फ्लेक्सी फिक्स डिपॉजिट्स को बाहरी बेंचमार्क रेट यानी RBI के रेपो रेट के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें कहा गया है कि बैंक के सभी उपरोक्त उत्पाद 01 अक्टूबर 2019 से आम जनता के लिए उपलब्ध होंगे।
आगामी आरबीआई मौद्रिक नीति बैठक में, यह उम्मीद की जाती है कि सेंट्रल बैंक अपनी लगातार पांचवीं रेपो दर में कटौती की घोषणा करेगा, जिसका अर्थ है कि ऋण एमसीएलआर के तहत वर्तमान ब्याज दरों की तुलना में अक्टूबर में 5 से 150 आधार अंक सस्ता होने की संभावना है। मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4 अक्टूबर को होनी है।


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