गूगल पे से बिजली का बिल भरने के दौरान 96000 कैसे गायब हो गए यहां पर आपको बताएंगे।
जितना ही डिजिटल पेमेंट की ओर लोग बढ़ रहे हैं उतना ही ऑनलाइन फ्रॉड भी बढ़ रहा है। ऐसा ही वाक्या अभी हाल ही में हुआ है जिसके बारे में जानकर ऑनलाइन पेमेंट से लोगों का जैसे भरोसा ही उठ गया है। मुंबई के रहने वाले एक व्यक्ति को Google पे के जरिए बिजली का बिल भरना महंगा पड़ गया है और इसके उपयोगकर्ता को 96 हजार रुपए की चपत लग गई है।
ये था मामला
पत्रिका न्यूज वेब पोर्टल के अनुसार ऑफलाइन न्यूज वैबसाइट्स ट्रैक.इन की रिपोर्ट के अनुसार बिजली का बिल भरने के लिए यूजर ने Google पे एप का उपयोग किया था लेकिन उसे ट्रांजेक्शन फेल होने का मेसेज मिला।
इसके बाद उपयोगकर्ता ने गूगल डॉट कॉम पर Google पे कस्टमर केयर नंबर सर्च किया और काल किया और बाद में पता चला कि यह नम्बर फर्जी है। जालसाजों ने उससे कहा कि ट्रांजेक्शन फेल होना एक आम बात है और इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। फर्जी एग्जिक्युटिव ने यूजर को अपने झांसे में लेते हुए एक टेक्स्ट मेसेज लिंक पर क्लिक करने को कहा और ऐसा करते ही यूजर के खाते से 96,000 रुपए किसी अनजान व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए।
ऑनलाइन फ्रॉड के कई बड़े मामले आ चुके हैं सामने
पिछले कुछ महीनों से इसी तरह से ऑफ़लाइन ठगी के कई मामले सामने आए हैं जिनमें फर्जी कस्टमर केयर नंबर को डायल करने के बाद यूजर को भुगतना पड़ा है। कुछ सप्ताह पहले बेंगलुरू की एक महिला के खाते से 95,000 रुपए चोरी हो गए थे जब महिला ने स्विगी से खाना मंगाया था। ट्रांजेक्शन में हुई कुछ गड़बड़ी की जानकारी पाने के लिए महिला ने इसी तरह फर्जी कस्टमर केयर नंबर डायल कर दिया था। इस दौरान ठगों ने महीला को झांसे में लेकर बैंक खाते की सारी जानकारी निकलवा ली और पैसों को अपने खाते में ट्रांसफर लिया।
2.2 लाख रुपए की हो चुकी है ऑनलाइन ठगी
तो वहीं जुलाई 2018 में एक यूजर को उस वक्त 2.2 लाख रुपए की चपत लग गई जब वह एक नामी फूड एप से खाना ऑर्डर कर रहा था। इस मामले में फेक कस्टमर केयर नंबर पर मिले फर्जी एग्जिक्युटिव ने बड़ी चालकी से यूजर का ओटीपी मांग लिया। ओटीपी बताने के कुछ ही देर बाद जब यूजर ने फोन चेक किया तो उसके खाते से 2.2 लाख रुपए ट्रांसफर होने का मेसेज मिला।
ऐसे बचें ऑनलाइन फ्रॉड से
आमतौर पर ठग ग्राहकों को फर्जी बैंक एग्जिक्यूटिव बनकर कॉल करते हैं। वहीं उनकी बात करने का तरीका भी बिल्कुल प्रोफेशनल बैंक एम्प्लॉई की तरह ही होता है। ऐसे में आप बैंकिंग से जुड़े कई सवाल करें। ऐसा करने पर वह खुद ही फोन काट देंगे। अगर फर्जी एग्जिक्यूटिव आपसे वेरिफिकेशन के तौर पर सवाल करे जैसे कि आपकी जन्मतिथि, नाम या फिर मोबाइल नंबर आदि मागें तो किसी भी तरह की डिटेल ना दें, क्योंकि आपके बैंक के पास पहले से ही आपकी डिटेल मौजूद रहती है।


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