अगस्त महीने में भारत के आयात और निर्यात दोनों में कमी दर्ज की गई है।
नई दिल्ली: अगस्त महीने में भारत के आयात और निर्यात दोनों में कमी दर्ज की गई है। जानकारी दें कि अगस्त महीने में आयात में जहां 13.45 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है तो वहीं निर्यात में 6.05 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही भारत का व्यापार घाटा अगस्त में 13.45 अरब डॉलर आंका गया है। यह घाटा पिछले साल अगस्त में 17.92 अरब डॉलर था।

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध और बढ़ते संरक्षणवाद के कारण भारत की उच्च निर्यात की संभावनाएं कम हुई है। वहीं निर्यात क्षेत्रों ने पिछले महीने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की जिसमें लौह अयस्क, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मसाले और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। जानकारी दें कि आंकड़ों के अनुसार, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पादों के शिपमेंट में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
तेल आयात 8.9 प्रतिशत घटकर 10.88 बिलियन डॉलर और गैर-तेल आयात 15 प्रतिशत घटकर 28.71 बिलियन डॉलर रह गया। संचयी रूप से, अप्रैल-अगस्त 2019 के दौरान निर्यात 1.53 प्रतिशत घटकर 133.54 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 5.68 प्रतिशत घटकर 206.39 अरब डॉलर रहा। अगस्त में सोने का आयात 62.49 प्रतिशत घटकर 1.36 अरब डॉलर रह गया। जबकि मार्च में, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने 2018 में 3.9 प्रतिशत से गिरकर व्यापार विकास का अनुमान लगाया था। वहीं 2019 में यह चेतावनी दी थी कि अगर व्यापार की स्थिति बिगड़ती रहती है तो इन अनुमानों को नीचे की ओर संशोधित किया जा सकता है।
जून में जारी अपने वैश्विक आर्थिक संभावनाओं में विश्व बैंक ने 2019 में वैश्विक व्यापार को कमजोर करने का अनुमान लगाया है। इस साल वैश्विक व्यापार 2.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी 2019 के वैश्विक विकास के अनुमान को 20 आधार अंकों की कटौती करके 3.3 प्रतिशत कर दिया। जो 2008 के वित्तीय संकट के बाद सबसे कम था, जिसने यूएस-चीन व्यापार तनाव, यूरोप में गति की हानि और ब्रेक्सिट के आसपास की अनिश्चितता को जिम्मेदार ठहराया।


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