यहां पर आपको बताएंगे कि कैसे छोटे कारोबारियों को जीएसटी में छूट मिल सकती है।
छोटे कारोबारियों (स्मॉल ट्रेडर्स) को सालाना गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) रिटर्न भरने से छूट मिल सकती है। रिर्पोट के अनुसार, वित्त मंत्रालय (वित्त मंत्रालय) वित्त वर्ष 2017-18 के सालाना रिटर्न भरने से राहत देने पर विचार कर रहा है। अंतिम निर्णय 20 सितंबर को जीएसटी काउंसिल (जीएसटी परिषद) की बैठक में लिया जा सकता है।

छोटे कारोबारियों को सालाना जीएसटी रिटर्न भरने की छूट मिलने पर माथा-पच्ची से राहत मिलेगी। छोटे कारोबारियों को GSTR-9 और GSTR-9A के साथ GSTR-9C भी नहीं भरना होगा। साथ ही 5 करोड़ रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को राहत देने पर विचार हो सकता है। एक आंकड़े के अनुसार करीब 30 से 40 लाख कारोबारियों / व्यापारियों को राहत मिलेगी।
बता दें कि सरकार के पास कारोबारियों का मासिक और तिमाही रिटर्न के आंकड़े मौजूद हैं। तकनीकि दिक्कतों के कारण इसकी अंतिम तिथि को 30 नवंबर तक बढ़ाया गया था। अगले साल से ई-एनवॉइस लागू होने के बाद लागू सालान रिटर्न की जरूरत नहीं है।
अगस्त में जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से नीचे 98,202 करोड़ रुपये रहा। जीएसटी कलेक्शन जुलाई में 1.02 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि पिछले वर्ष अगस्त के 93,960 करोड़ रुपये के जीएसटी कलेक्शन (जीएसटी संग्रह) के मुकाबले यह 4.5 प्रतिशत अधिक है।
तो वहीं दिल्ली सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से टैक्स चुनौतियों पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में ज्यादातर एक्सपर्ट्स ने इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को आसान करने और नेगेटिव लिस्ट सीमित करने की मांग की। इस बात पर सहमति जताई गई कि अगर आप ने काटा हुआ टैक्स जमा नहीं किया तो इसके लिए बायर का इनपुट क्रेडिट नहीं रोका जाना चाहिए।
20 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की होने वाली बैठक में क्या यह निर्णय लिया जाएगा या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन यदि यह फैसला लिया जाता है तो छोटे कारोबारियों के लिए यह एक बड़ा और खुशखबरी वाला दिन होगा।


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