31 मार्च को समाप्त वर्ष में कंपनी का घाटा 4,217.20 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले की अवधि में 1,604.34 करोड़ था।
One97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड, पेटीएम की पैरेंट कंपनी, ने 31 मार्च को अपने घाटे को तीन गुना कर दिया क्योंकि यह अपने ब्रांड के निर्माण और अपने व्यवसाय के विस्तार पर बहुत अधिक खर्च कर चुकी है। समेकित आधार पर, नोएडा की फर्म की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च को समाप्त वर्ष में कंपनी का घाटा 4,217.20 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले की अवधि में 1,604.34 करोड़ था।

यानी एक साल के भीतर कंपनी का घाटा दोगुने से ज्यादा पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष में वन 97 कम्युनिकेशेशंस को अकेले 3,959.6 करोड रुपये का घाटा हुआ है, जबकि इसके एक साल पहले कंपनी को सिर्फ 1,490 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
इस दौरान कंपनी की कुल आय 8.2 प्रतिशत बढ़कर 3,579.67 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी ओर, कंपनी का खर्च दोगुना बढ़कर 7,730.14 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
बता दें कि कंपनी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है, ब्रैंड तैयार करने और व्यवसाय गतिविधि मजबूत करने के लिए कंपनी को भारी पूंजीगत व्यय करना पड़ा है। कई पूंजीगत और संचालनात्मक खर्चों के लिए हमें भारी राशि लगानी पड़ी जिसकी वजह से वित्त वर्ष के दौरान घाटा हुआ है।
आपको बता दें कि वन 97 कम्युनिकेशंस में पेटीएम के संस्थापक और संचालन निदेशक विजय शेखर शर्मा की भागीदारी 15.7 है। शर्मा ने कहा कि भारी दबाव के बावजूद कंपनी अगले दो साल में बाजार से पूंजी उगाहने के लिए आईपीओ लाने पर विचार कर रही है।
तो वहीं कंपनी को साल 2018 में अमेरिकी निवेश कंपनी बर्कलैंड हैथवे से 30 करोड़ डॉलर की पूंजी मिली थी। इसमें सॉफ्टबैंक और आइसा जैसी विदेशी कंपनियों ने भी निवेश किया है।
पेटीएम ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1.2 अरब से ज्यादा व्यापारी लेन-देन दर्ज किया है। इसके अलावा पेटीएम का दावा है कि पी 2 पी और मैन ट्रांसफर लेन-देन के बूते ऑफलाइन भुगतान में उसने देश में नेतृत्वकारी स्थिति बरकरार रखी है।
वन 97 कम्युनिकेशंस के स्वामित्व वाली पेटीएम को लगभग 1.4 करोड़ खुदरा दुकानों पर स्वीकार किया जाता है और इस क्षेत्र में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है।


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