नई दिल्ली। बैंकिंग सिस्टम में फ्रॉड को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीने यानी अप्रैल से लेकर जून 2019 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के 18 बैंकों में कुल मिलाकर हजारों करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ है। एक आरटीआई में जानकारी सामने आई है कि इस दौरान इन बैंकों में 2480 फ्रॉड के मामले सामने आए, जिसमें 31,898.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। फ्रॉड के मामले सबसे ज्यादा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में सामने आए हैं। केवल एसबीआई में कुल धोखाधड़ी के मामलों में से 38 प्रतिशत धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए हैं।
किसने डाली थी आरटीआई
यह आरटीआई मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रहने वाले चंद्रशेखर गौड़ ने डाली थी। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से उन्हें आरटीआई के जबाव में यह जानकारी दी गई है। इस जानकारी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की 30 जून को खत्म हुई पहली तिमाही में एसबीआई में धोखाधड़ी के कुल 1,197 मामले सामने आए हैं। इन धोखाधड़ी के मामलों में 12,012.77 करोड़ रुपये की राशि संलग्न है।
दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे ये बैंक
आरटीआई के जबाव में आरबीआई ने बताया है कि बैंकिंग फ्रॉड के मामले में इलाहाबाद बैंक दूसरे स्थान पर रहा है। इस बैंक में कुल 2,855.46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 381 मामले पता चले हैं। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में कुल मिलाकर 2,526.55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 99 मामले सामने आए हैं।
ये है अन्य बैंकों की स्थिति
चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) में 2,297.05 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 75 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा ओबीवी में 2,133.08 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 45 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं केनरा बैंक में 2,035.81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 69 मामले पता चले हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 1,982.27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 194 मामले आए हैं। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में 1,196.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 31 मामले पता चले हैं।
इसके अलावा कॉरपोरेशन बैंक में 16 मामलों में 960.80 करोड़ रुपये, वहीं इंडियन ओवरसीज बैंक में 46 मामलों में 934.67 करोड़ रुपये की धोखधड़ी के मामले हुए हैं। सिंडिकेट बैंक में 54 मामलों में 795.75 करोड़ रुपये और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 51 मामलों में 753.37 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ है। बैंक ऑफ इंडिया में 42 मामलों में 517.20 करोड़ रुपये और यूको बैंक में 34 मामलों में 470.74 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 85 मामलों में 253.43 करोड़ रुपये के अलावा आंध्रा बैंक में धोखाधड़ी के 23 मामलों में 136.27 करोड़ रुपये का फ्रॉड सामने आया है। वहीं इंडियन बैंक में 37 मामलों में 37.17 करोड़ रुपये के मामले पता चले हैं। पंजाब एंड सिंध बैंक में धोखाधड़ी का केवल 1 मामला ही सामने आया है, जिसमें 2.2 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
धोखाधड़ी का पूरी जानकारी दी है आरबीआई ने
आरबीआई ने आरटीआई में दी जानकारी में इन धोखाधड़ी का विवरण नहीं दिया है। आरबीआई ने यह भी नहीं बताया है कि इन धोखाधड़ी का शिकार केवल बैंक रहे हैं या ग्राहक हुए हैं। हालांकि आरबीआई से इस बारे में आरटीआई में पूछा गया था, लेकिन आरबीआई कोई जानकारी नहीं दी है। आरबीआई ने कहा है कि उसके पास इस तरह की जानकारी नहीं है।


Click it and Unblock the Notifications