एलआईसी पर भी मंदी का असर देखने को मिल रहा है। देश की सबसे बड़ी इंसटूएटनल इन्वेंटर कंपनी एलआईसी का शेयर बाजार में लगाया हुआ निवेश घाटे में चल रहा है।
नई दिल्ली: एलआईसी पर भी मंदी का असर देखने को मिल रहा है। देश की सबसे बड़ी इंसटूएटनल इन्वेंटर कंपनी एलआईसी का शेयर बाजार में लगाया हुआ निवेश घाटे में चल रहा है। दरअसल शेयर बाजार में जारी मौजूदा घरेलू स्टॉक की बिकवाली के समय में एलआईसी का इक्विटी पोर्टफोलियो बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। जानकारी दें कि एलआईसी के 80 प्रतिशत स्टॉक इस समय फिसलकर खतरे के निशान में चल रहे हैं। वहीं कुछ सेक्टर की गिनी-चुनी कंपनियों ने ही एलआईसी को थोड़ी राहत दी है। बता दें कि जिन सेक्टर्स के शेयर एलआईसी को थोड़ी राहत दे रहे हैं, उनमें शिपबिल्डिंग, फुटवियर, फार्मा, आईटी, सीमेंट और केमिकल कंपनियों के शेयर शामिल हैं।

साल-दर-साल 223 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
एलआईसी के पोर्टफोलियों की सबसे ज्यादा फायदा देने वाली कंपनी पीएसयू शिपबिल्डिंग फर्म गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स है, जिसके शेयर 46 प्रतिशत का रिटर्न दे रहे हैं और 30 अगस्त को कंपनी के शेयर की कीमत 91.40 रुपए प्रति शेयर से बढ़कर 133.30 रुपए प्रति शेयर हो गई है। जबकि बीएसई सेंसेक्स में 0.85 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, वहीं बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में क्रमशः 14 प्रतिशत और 16 प्रतिशत की गिरावट आयी है। गोर्डन रीच ने नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 223 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं जून की तिमाही में 25.30 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। ये तब है, जब कंपनी की बिक्री में 12 प्रतिशत की गिरावट आयी है।
बता दें कि गोर्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स कंपनी मुख्य तौर पर भारतीय नौसेना और भारतीय कोस्ट गार्ड को शिपबिल्डिंग से जुड़े सामान की सप्लाई करती है। वहीं जुलाई, 2019 में कंपनी को 27,804 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले थे। गोर्डन रीच के अलावा एलआईसी के पोर्टफोलियो में जो कंपनी बेहतर प्रदर्शन कर रही है, उसमें बाटा इंडिया (37 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी), प्रोक्टर एंड गैंबल हेल्थ (30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी) हेडेलबर्ग सीमेंट (29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी) और गुजरात स्टेट पेट्रोनेट (25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी) का नाम शामिल है।
एलआईसी के पोर्टफोलियो में जून तक 350 कंपनियां शामिल
वहीं इन कंपनियों के अलावा पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, इंद्रप्रस्थ गैस, राजेश एक्सपोर्ट, इंफोसिस, जाइडस वेलनेस ने भी बेहतर रिटर्न दिया है। बता दें कि एलआईसी के पोर्टफोलियो में जून 2019 तक 350 कंपनियां शामिल हैं। इनमें से 290 कंपनियां दिसंबर, 2018 तक ही होल्डिंग कंपनियां हैं। और तो हालिया अध्ययन में भी इन्ही कंपनियों को शामिल किया गया है।
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