प्रभु श्रीराम के जीवन से संबंधित तीर्थस्थलों के दर्शन के लिये रेलवे श्री रामायण एक्सप्रेस एक बार फिर शुरु हो रही है, इससे श्रीराम के जीवन से संबंधित विभिन्न तीर्थस्थानों के दर्शन किये जा सकते हैं।
एक बार फिर भारतीय रेलवे श्री रामायण एक्सप्रेस शुरु करने जा रहा है। भगवान राम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरने वाली इस ट्रेन को शुरू करने की मांग श्रद्धालुओं की तरफ से पिछले काफी समय से की जा रही थी। पहले की ही तरह ट्रेन से यात्रियों को भगवान राम के जीवन से जुड़े पौराणिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें फ्लाइट के जरिये श्रीलंका जाने का विकल्प भी मिलेगा। इस बार रेलवे की ओर से इस ट्रेन का सफर 3 नवंबर से शुरू होगा।
पिछले साल शुरु हुई थी ट्रेन
वर्ष 2018 में चलाई गई रामायण एक्सप्रेस की सफलता को देखते हुए रेलवे ने इस ट्रेन को एक बार फिर से चलाने का निर्णय लिया है। इस बार यात्रियों के लिए दो टूर पैकेज मुहैया कराए जा रहे हैं। पहले की ही तरह इस पूरे टूर को भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की तरफ से किया जा रहा है। यह आईआरसीटीसी के भारत दर्शन पैकेज का हिस्सा होगा।
जयपुर से शुरु होगी यात्रा
आपको बता दें कि पहली ट्रेन का नाम 'श्री रामायण यात्रा' होगा, जो 3 नवंबर को जयपुर से चलेगी और दिल्ली में अयोध्या पहुंचेगी। वहीं दूसरी ट्रेन 'रामायण एक्सप्रेस' 18 नवंबर को इंदौर से शुरू होकर वाराणसी होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। श्री रामायण यात्रा जयपुर से शुरू होगी और यह अलवर, रेवाड़ी, दिल्ली सफदरजंग, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ से गुजरेगी।
18 नवंबर को यहां से होगी शुरु
तो वहीं 18 नवंबर को शुरू होने वाली रामायण एक्सप्रेस इंदौर से शुरू होकर देवास, उज्जैन, मकसी, सुजालपुर, सिहोर, विदिशा, गंज बसोडा, बीना, ललितपुर और झांसी से होकर गुजरेगी। श्रीलंका में भगवान राम से जुड़ी महत्वपूर्ण जगहों को दिखाने के लिए चेन्नई से फ्लाइट के जरिये पर्यटकों को कोलंबो ले जाया जाएगा। इस ट्रेन के जरिये श्रद्धालुओं को नासिक, पंचवटी, जनकपुर धाम होते हुए रामेश्वरम तक ले जाया जाएगा। जो पर्यटक श्रीलंका जाना चाहते हैं उन्हें फ्लाइट से ले जाया जाएगा। कोलंबो की लिमिटेड सीट ही हैं।
इन धार्मिक स्थलों तक कर सकेंगे यात्रा
राम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, भारत मंदिर, सीता माता मंदिर, तुलसी मानस मंदिर, संकट मोचन मंदिर, सीता समाहित स्थल, त्रिवेणी संगम, हनुमान मंदिर, भारद्वाज आश्रम, चित्रकूट, दर्शन, हंपी और रामेश्वरम के दर्शन कराए जाएंगे। वहीं श्रीलंका में सीता माता का मंदिर, अशोक वाटिका, विभीषण मंदिर और शिव मंदिर सहित कई जगहें दिखाई जाएंगी। 3 नवंबर से प्रारंभ होने वाले टूर में कुल 16 रात और 17 दिन का समय लगेगा।
मिलेगी यह सुविधा
रेलवे की ओर से यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को शाकाहारी भोजन, ठहरने के लिए धर्मशाला, मंदिरों के दर्शन के लिए नॉन एसी बसों की व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजाम रेलवे की ओर से किया जाएगा। पूरे टूर के दौरान यात्रियों के साथ आईआरसीटीसी की तरफ से एक टूर मैनेजर रहेगा। इस ट्रेन में कुल 800 यात्री यात्रा कर सकते है। श्रीलंका के लिए 40 सीट मुहैया होंगी। 18 नवंबर को इंदौर से शुरू होने वाला टूर 14 रात और 15 दिन का होगा। इस टूर में ट्रेन अयोध्या, सीतामणि, जनकपुर, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, नासिक, हम्पी, रामेश्वरम और मदुरै से होकर गुजरेगी।
इतना लगेगा किराया
जयपुर से शुरू होने वाली ट्रेन से भारत और नेपाल में यात्रा करने वाले यात्रियों को 16065 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से किराया देना होगा। वहीं इंदौर से चलने वाली ट्रेन का किराया 3AC के लिए 17325 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। वहीं स्लीपर के लिए 14175 रुपये स्लीपर क्लास के लिए रखा गया है। श्रीलंका की यात्रा करने वालों को 36950 रुपये अलग से देने होंगे।


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