मोदी है तो मुमकिन है स्टेटमेंट अब सार्थक साबित होता नजर आ रहा है। अब मजदूरों के लिए भी अच्छे दिन आने वाले हैं। जी हां क्योंकि ग्रामीणों को रोजगार देने वाली फ्लैगशिप योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार सुनिश्चित (मनरेगा) योजना को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना बनाई है। योजना के अनुसार, केंद्र सरकार मनरेगा के तहत काम कर रहे मजदूरों को बेहतर रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण दिलाएगी। साथ ही प्रशिक्षण के लिए मजदूरों को रोजाना 200-250 रुपए का भत्ता भी दिया जाएगा।

इकोनॉमिक्स टाइम्स कि रिर्पोट के अनुसार इन मनरेगा मजदूरों को देशभर में फैले कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ समझौता किया है। इन मजदूरों को कृषि विज्ञान केंद्रों पर ऑर्गेनिक खाद का निर्माण और कृषि उत्पादों के रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पर ग्रामीण विकास सचिव अमरजीत सिन्हा का कहना है कि 18 से 35 वर्ष की आयुवर्ग वाले मनरेगा मजदूरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा अमरजीत सिन्हा ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत मनरेगा मजदूरों को राजमिस्त्री और प्लंबर का कार्य का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें 40 दिन का ऑन साइट प्रशिक्षण भी शामिल होगा। सिन्हा ने बताया कि अभी भी मजदूरी चुनने के डर से काफी श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने से मना कर देते हैं। तो वहीं इस डर को खत्म करने के लिए प्रशिक्षण लेने वालों को हर रोज 200 से 250 रुपए का भत्ता दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मोदी 2.0 सरकार के 100 दिनी एजेंडा में शामिल है। आपको बता दें कि अक्टूबर के अंत तक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हो सकती है।


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