केंद्र सरकार ने देश में अगरबत्ती और इससे जुड़े अन्य उत्पादों के आयात पर शनिवार को रोक लगा दी है।
अगरबत्ती को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। जी हां केंद्र सरकार ने देश में अगरबत्ती और इससे जुड़े अन्य उत्पादों के आयात पर शनिवार को रोक लगा दी है। इसकी प्रमुख वजह इनका चीन और वियतनाम जैसे देशों से आयात बहुत अधिक गति है। अब इन उत्पादों के व्यापारियों के लिए आयात के लिए सरकार से लाइसेंस लेना होगा।

विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा कि अगरबत्ती और अन्य खुशबूदार जलाने योग्य पदार्थों की आयात नीति को संशोधित कर मुक्त से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा, कमरे इत्यादि को सुगन्धित करने में उपयोग होने वाले अन्य पदार्थों को भी प्रतिबंधित किया गया है।
नोटिफिकेशन के अनुसार, बीते एक साल में अगरबत्ती और अन्य सुगंधित उत्पादों का आयात दोगुने के करीब पहुंच गया है। इनका आयात 2017-18 में 75.1 लाख डॉलर का था, जो 2018-19 में 1.23 करोड़ डॉलर हो गया। इसी तरह अगरबत्ती और अन्य सुगंधित पदार्थों का आयात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 1.77 करोड़ डॉलर रहा। वित्त वर्ष 2018-19 में इनका आयात 8.35 करोड़ डॉलर था।
रिपोर्ट के अनुसार, बीते कुछ समय में वियतनाम से अगरबत्ती के आयात में काफी इजाफा हुआ है। इसका कारण यह है कि वियतनाम के साथ भारत का आसियान संधि के तहत मुक्त व्यापार समझौता है।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फ़ॉरेन ट्रेड (डीजीएफ) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार अगरबत्ती और अन्य सुगंधित उत्पादों के आयात संबंधी नियमों में काफी बदलाव किए गए हैं। इसमें मुफ्त में आयात को खत्म करना प्रमुख है। डीजीएफ के अनुसार, अब व्यापारियों को चीन और वियतनाम सहित सभी देशों से इन सामानों के आयात के लिए अलग से लाइसेंस लेना होगा। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह नए नियम रूम फ्रेशनर और सुगंधित उत्पाद बनाने वाले अन्य सामानों पर भी लागू होंगे।


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