बैंकों के विलय को लेकर रेटिंग एजेंसी मूडी ने एक पॉजिटिव साइन कहा है।
कल यानी शुक्रवार को बैंकों का महाविलय हुआ है जिसके तहत वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों का मर्जर कर 4 बड़े बैंकों की घोषणा की है। साथ ही 6 छोटे-बैंकों का 4 बड़े बैंकों में विलय कर दिया गया है। इस पर रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भविष्य में अच्छे दिन आने की संभावना व्यक्त की है।

इस तरह अब देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 18 से घटकर 12 हो गई है। इससे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक के विलय का ऐलान किया गया था। सरकार के इस कदम की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सराहना की है। फिलहाल मूडीज का कहना है कि इससे क्रेडिट मेरिट में तत्काल कोई सुधार नहीं होगा।
मूडीज के अनुसार, सभी बैंकों की करदान क्षमता की स्थिति पूरी तरह कमजोर है। लेकिन, बैंकों के मर्जर से उनका संचालन सार्थक होगा और कॉरपोरेट जैसे खंड में उनकी प्रतिस्पर्धी स्थिति में मदद मिलेगी, जहां उनके ग्राहक वॉलेट खंड कम है, और खुदरा ऋण में, जहां उनका संचालन मंद है।
मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस के फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ग्रुप के उपाध्यक्ष, श्रीकांत वादलमणि ने कहा कि इससे बैकों को टेक्नोलॉजी में निवेश करने में भी मदद मिलेगी, जहां वे निजी क्षेत्र के बैंकों की तुलना में काफी कमजोर हैं।
उन्होंने कहा, "ये कदम ढ़ाचागत ग्रोथ के लिए वृद्धिशील हैं, और उनके क्रियान्वयन की गुणवत्ता उनके प्रभावशीलता को निर्धारित करेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि मर्जर कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार का मौका देगा, और बैंक बोर्ड की कार्यप्रणाली सुधारने को घोषित उपाय उस दिशा में एक कदम है।
उल्लेखनीय है कि देश में जारी मंदी से निपटने के क्रम में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को जारी रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर चार बैंक बनाने की घोषणा की।


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