नई दिल्ली। शुक्रवार को 10 बैंकों के विलय की घोषणा की गई। लेकिन इस बात की घोषणा नहीं की गई इन बैंकों का विलय कब तक हो जाएगा। वित्त मंत्रालय के सचिव राजीव कुमार ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के विलय की घोषणा कर दी है, अब बैंक बोर्ड इस बात को तय करेंगे कि यह विलय कब होगा। कुमार ने बताया कि बैंकों के विलय की प्रक्रिया होती है, और उन्हें उन प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। सभी बैंक अपने-अपने बोर्ड में जाएंगे। उनका बोर्ड इस बात को तय करेगा कि वे कब तक विलय की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। फिर बैंक वित्त मंत्रालय के पास इसकी जानकारी देगा।

इस विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या 12 रह जाएगी
इस दौरान बैंक भारतीय रिजर्व बैंक से भी इस मामले पर विचार विमर्श करेगा एवं सलाह लेगा। उसके बाद विलय की तारीख तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल अब अन्य बैंकों के मर्ज करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। मर्जर का यह अंतिम रोडमैप है। सचिव ने यह भी साफ किया कि सरकारी बैंकों में सरकार अपनी हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि इससे ग्राहकों को काफी लाभ मिलेंगे। अभी उनके बैंक के ब्रांच कम होते थे, अब ब्रांचों की संख्या अधिक हो जाएगी। ग्राहक कही भी अपनी सेवा ले सकेंगे। विलय की घोषणा के दौरान सीतारमण ने कहा कि बैंकों के विलय से किसी कर्मचारी की छंटनी नहीं होगी। उन्होंने इस मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय स्टेट बैंक के साथ विलय का उदाहरण पेश किया। शुक्रवार को 10 बैंकों के एक-दूसरे में विलय की घोषणा की गई। इस विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या 12 रह जाएगी। अभी यह संख्या 18 है। वर्ष 2017 में यह संख्या 27 थी।
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