सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन पी सी मोदी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इस बात की जानकारी एक सरकारी आदेश में गुरुवार को दी गई।
नई दिल्ली: सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन पी सी मोदी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इस बात की जानकारी एक सरकारी आदेश में गुरुवार को दी गई। आदेश के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने एक साल के लिए पीसी मोदी की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी। मोदी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे थे।

प्रभाष शंकर को सीबीडीटी का नया सदस्य नियुक्त
बता दें कि भारतीय राजस्व सेवा (आयकर कैडर) के 1982 बैच के अधिकारी पीसी मोदी को फरवरी में सीबीडीटी का प्रमुख नियुक्त किया गया था। समिति ने एक अन्य आदेश में 1983 बैच के आईआरएस अधिकारी प्रभाष शंकर को सीबीडीटी का नया सदस्य नियुक्त किया है। बोर्ड में अब भी दो पद रिक्त हैं। बोर्ड के अन्य सदस्य पीके दास, अखिलेश रंजन और नीना कुमार हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में एक चेयरमैन और अधिकतम छह सदस्य हो सकते हैं। सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने का काम करता है।
क्या है सीबीडीटी?
भारत में डायरेक्ट टैक्स से संबंधित सभी मामले 1 जनवरी 1964 से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को सौंप दिए गए और इसे राजस्व बोर्ड अधिनियम 1963 से अधिकार प्राप्त है। सीबीडीटी वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग का एक हिस्सा है। एक ओर सीबीडीटी भारत में प्रत्यक्ष कर की नीतियों और योजनाओं के लिए आवश्यक निविष्टियां प्रदान करता है वहीं दूसरी ओर यह आयकर विभाग के माध्यम से प्रत्यक्ष कर कानूनों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार है।


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