गणेश चतुर्थी स्पेशल: यहां पर आपको भगवान गणेश की मूर्तियों की कीमत बताएंगे।
2 सितंबर को गणेश चतुर्थी है जिसके चलते लोग बप्पा की मूर्तियां खरीदना और पंडाल सजाना शुरु कर दिए हैं। लेकिन इस बार बप्पा को घर लाना थोड़ा महंगा पड़ सकता है क्योंकि इस बार मूर्तिकारों ने मूर्तियों के रेट बढ़ा दिए हैं। खासकर मेट्रो शहरों में जैसे कि दिल्ली और मुंबई में इनकी कीमत सबसे ज्यादा रहती है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी का त्योहार सबसे बड़े स्तर पर मनाया जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि कितनी बड़ी मूर्ति आपको कितने रुपए तक में मिल सकती है।
दाम में इतना पड़ रहा है फर्क
इस साल भगवान गणेश की मूर्तियां पिछले साल के मुकाबले ज्यादा महंगी मिल रही हैं। इस बार 20 इंच की मूर्ति के लिए 4000 रुपये देने होंगे, जो कि पिछले साल 2400 रुपये में आती थी, 24 इंच की मूर्ति का भाव भी 5000 रुपये हो गया है, जो पिछले साल तक 4000 रुपये था, उसी तरह अब 30 इंच की मूर्ति 7000 में आ रही है, जो पहले 5000 में मिलती थी। भले ही मूर्तियों का दाम कितना भी हो जाए अपने त्योहार को उसी धूमधाम से मनाएंगे।
चुकाना पड़ रहा जीएसटी
जी बिजनेस पोर्टल कि रिर्पोट के अनुसार बप्पा की मूर्तियों के मूल्य बढ़ने के पीछे मूर्ति विक्रेताओं कि अपनी वजहे हैं, उनका कहना है कि इस साल से मूर्तियों पर जीएसटी चुकाना पड़ रहा है, कारखानों के किराए भी पहले से काफी बढ़ गए हैं। पेंट और वार्निश पर भी टैक्स दोगुना हो गया है। कॉटन फाइबर का दाम ढाई गुना बढ़ गया है। तो वहीं कच्चे माल के अलावा सजावट पर भी टैक्स बढ़ गया है जिसका असर मूर्तियों की कीमत पर दिख रहा है।
दाम बढ़ने से नहीं छूटती भक्तों की आस्था
आपको बता दें कि बप्पा की मूर्तियों के दाम जरूर बढ़े हुए हैं, लेकिन इससे बप्पा के भक्तों के जोश में कोई कमी नहीं आई है, मुंबई और आसपास के इलाकों में सालाना लगभग 5 लाख से ज्यादा घरों में बप्पा की मूर्ति की स्थापना होती है। इस साल भी गणपति बप्पा का शोर कम नहीं हुआ है।
मूर्तियों के दाम बढ़ने के प्रमुख कारण
जीएसटी के अलावा मूर्तियों के दाम बढ़ने के और भी कई कारण हैं जो आपको यहां पर बता रहे हैं:
- कारखानों का बढ़ाया हुआ किराया एक बड़ी वजह बनी
- पेंट और वार्निश पर भी टैक्स दोगुना हो गया है
- कॉटन फाइबर का दाम ढ़ाई गुना बढ़ गया है
- तो वहीं पंडालों की सजावट पर भी टैक्स बढ़ गया है
आपको बता दें कि मुंबई में 12 लाख में 22.5 फुट उुंची इको फ्रेंडली गणेश जी की मूर्ति तैयार की गई है। इस मूर्ति को बनाने के लिए पुराने अखबार की लुगदी का इस्तेमाल किया गया है साथ ही गोंद और सफेद रंग का पाउडर भी इस्तेमाल किया गया है। जो कि इस बात का संकेत देती है कि पर्यावरण को बचाने के लिए हर किसी को इकोफ्रेंडली तरीके से ही कोई त्योहार मनाना चाहिए। आप भी हो सके तो अपने घर मिट्टी के ही गणेश लेकर आइए, और इसे अपने घर में ही विसर्जित करने का प्रयास करें।


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