वनप्लस हैदराबाद में रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी बनाने में 1,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
नई दिल्ली: वनप्लस हैदराबाद में रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी बनाने में 1,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। बता दें कि यह निवेश अगले तीन साल में किया जाएगा। कंपनी इस फैसिलिटी आर्टीफिशियल इंटलीजेंस और मशीन लर्निंग में डेवलपमेंट करेगी जिसे फिर कंपनी के प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इस सेंटर के लिए हैदराबाद से बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी पर रखा जाएगा।

दुनिया के सबसे बड़े वनप्लस आरएंडडी सेंटर
जानकारी के मुताबिक, वनप्लस के फाउंडर और सीईओ पीट लाउ ने कहा, अगले तीन साल में हम हैदराबाद में बनने जा रहे रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर को दुनिया के सबसे बड़े वनप्लस आरएंडडी सेंटर बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। हम रिसर्च एंड डेपलपमेंट की अपनी कोशिशों को बड़े पैमाने पर शुरू करना चाहते हैं। खासतौर से सॉफ्टवेयर्स के क्षेत्र में हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, 5जी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर खास ध्यान देना चाहते हैं।
बता दें कि इस आरएंडडी सेंटर में तीन लैब होंगी- कैमरा लैब, कम्युनिकेशंस और नेटवर्किंग लैब और ऑटोमेशन लैब जो कि कैमरा डेवलपमेंट, 5जी टेस्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर फोकस करने वाले सॉफ्टवेयर और पर्फोमेंस टेस्टिंग पर अधिक फोकस करेगा। इस सेंटर में खासतौर से भारत के लिए तैयार किए जाने वाले OxygenOS फीचर पर काम किया जाएगा। इसके साथ में वनप्लस एप्लीकेशन के डिजायन और डेवलपमेंट और भारत, अमेरिका व ब्रिटेन जैसे देशों में 5जी का लागू करने के अभियान पर ध्यान दिया जाएगा।
फिलहाल देश में कंपनी के अपने 12 स्टेार
आपको बता दें कि कंपनी ने पांच साल पहले देश के मार्केट में इनवसइट-ओनली स्ट्रैटजी के तहत मोबाइल फोन बेचने के लिए एंट्री की थी। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक, इस साल अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने 43 फीसदी शिपमेंट शेयर हासिल किया, जो अब तक का सर्वाधिक है। सैमसंग की हिस्सेदारी 22 फीसदी रही जबकि एपल का शेयर 20 फीसदी रहा। कंपनी अपने प्रीमियम फोन की बिक्री बढ़ाने के लिए ऑफलाइन स्टोर को विस्तार देने पर ध्यान दे रही है। फिलहाल देश में कंपनी के अपने 12 स्टेार हैं, जिसे 2020 के अंत तक 25 करने की योजना है।


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