जल्द ही रेलवे में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने वाली हैं, इससे कर्मचारियों की सैलरी में आने वाला अंतर खत्म हो जाएगा।
यदि आप या आपका कोई संबंधी रेलवे में जॉब करता है तो आपके लिए एक खुशखबरी है। आपके लिए रेलवे ने दिवाली से पहले ही एक तोहफा तैयार रखा है। जी हां जल्द ही रेलवे में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने वाली हैं, इससे कर्मचारियों की सैलरी में आने वाला अंतर खत्म हो जाएगा। आपको बता दें के छठे वेतन आयोग के सैलरी स्ट्रक्चर में आने वाले एक ही क्लास के दो अधिकारियों की सैलरी के अंतर को खत्म किया जा रहा है।

आपको बता दें कि सातवें वेतन आयोग के लागू होने से जिन दो कर्मचारियों की सैलरी में 3 प्रतिशत या इससे ज्यादा का अंतर होगा, उन कर्मचारियों का वेतन बराबर कर दिया जाएगा। लेकिन, यह नियम एक वर्ग के दो कर्मचारियों पर लागू होगा। तो वहीं दूसरी श्रेणी के कर्मचारियों की सैलरी का अंतर कम हो सकता है।
इसे कुछ इस तरह समझें मान लीजिए छठे वेतन आयोग (6 वें CPC) के तहत एक वर्ग में एक कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 7210 रुपये और दूसरे का 7430 रुपये है। अगर इसी कैलकुलेशन से समझे तो 7 वें वेतन आयोग लागू होने पर पहले कर्मचारी का वेतन 18530 रुपये और दूसरे कर्मचारी का वेतन 19095 रुपये हो जाता है। लेकिन, अब दोनों कर्मचारियों के वेतन को 7 वें वेतन आयोग के मैट्रिक्स-पे में एक समान 19100 रुपये का वेतन मिलेगा। इसे बंचिंग का फायदा कहते हैं। कर्मचारियों को बंचिंग का लाभ 1 जनवरी 2019 से दिया जाएगा।
6वें वेतन आयोग में जिन कर्मचारियों की सैलरी 1800, 1900, 2000, 2400, 2800 और 4200 ग्रेड पे के अंदर है, उन्हें बंचिंग का फायदा मिलेगा। इसके लिए जल्द ही आवेदन करना होगा। पश्चिम रेलवे एंप्लॉईज यूनियन भावनगर मंडल ने सभी रेल कर्मियों से बंचिंग का लाभ लेने के लिए जल्द ही अपने ग्रेड के आधार पर आवेदन देने को कहा है।


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