सबसे बड़ी बिस्किट बनाने वाली कंपनी पार्ले कंपनी भारी नुकसान को झेल रही है।
नई दिल्ली: सबसे बड़ी बिस्किट बनाने वाली कंपनी पार्ले कंपनी भारी नुकसान को झेल रही है। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि वो बिक्री न होने से करीब 10 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। देश की सबसे बड़ी बिस्किट निर्माता कंपनी पारले-जी में भी मंदी का माहौल दिखने लगा है। कंपनी ने कहा कि यह मंदी इस बात की तरफ इशारा है कि अर्थव्यवस्था सही पटरी पर नहीं चल रही है। कॉग्निजेंट कर सकता है कर्मचारियों की छंटनी ये भी पढ़ें
बिस्किट पर लगा जीएसटी सरकार से कम करने की अपील
जानकारी के मुताबिक, कंपनी के कैटेगरी हेड मयंक शाह ने कहा कि हमने सरकार से अपील की थी कि 100 रुपए प्रति किलोग्राम से कम कीमत पर बिकने वाले बिस्किट पर लगा जीएसटी कम कर दिया जाए। यह बिस्किट सामान्य तौर पर 5 रुपए और उससे कम के पैक में बिकते हैं, लेकिन अगर सरकार हमारी इस अपील को नहीं मानेगी तो हमारे पास 8,000 से 10,000 लोगों को नौकरी से निकालने के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा, क्योंकि बिक्री में कमी से हम पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
पार्ले की आधी से ज्यादा बिक्री ग्रामीण बाजारों में
आपको बता दें कि पार्ले देश के सबसे लोकप्रिय ब्रांड में शामिल है। जिसकी सालाना 10,000 करोड़ से ज्यादा की बिक्री करने वाली पार्ले कंपनी पार्ले-जी (Parle-G), मोनाको (Monaco) और मारी (Marie) ब्रांड बिस्किट बनाती है। इस कंपनी में एक लाख कर्मचारी काम करते हैं और कंपनी के 10 प्लांट्स हैं। इसके अलावा कंपनी 125 थर्ड पार्टी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भी ऑपरेट करती है। पार्ले की आधी से ज्यादा बिक्री ग्रामीण बाजारों में होती है।
ब्रिटानिया ने भी अपनी बातें रखी
इस बात से भी अवगत करा दें कि पार्ले के अलावा बिस्किट व डेयरी प्रोडक्ट बनाने वाली अग्रणी कंपनी ब्रिटानिया भी कुछ दिन पहले ऐसी ही चिंता जाहिर कर चुकी है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण बैरी ने कहा कि, उपभोक्ता बिस्किट का पांच रुपए का पैक खरीदने में भी हिचक रहे हैं। यह इकोनॉमी के लिए एक गंभीर मुद्दा है। वहीं उन्होंने कहा कि 'हमारी ग्रोथ सिर्फ छह फीसदी हुई है। मार्केट ग्रोथ हमसे भी सुस्त है।' नुस्ली वाडिया की कंपनी ब्रिटानिया का साल-दर-साल का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 3.5 पर्सेंट घटकर 249 करोड़ रुपये रहा।


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