ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आईएलएंडएफएस के कर्ज भुगतान में चूक करने के मामले में पहली चार्ज शीट दायर की है। ईडी पहले ही इस मामले में करीब 570 करोड़ रुपए की संपत्तियों की कुर्की कर चुका है। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुंबई में एक विशेष अदालत के समाने शुक्रवार को यह चार्ज शीट दायर की गई है। ईडी इसी अधिनियम के तहत कई संपत्तियां, बैंक खातों एवं दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और ब्रुसेल्स में स्थित कई अचल संपत्तियों को भी कुर्क करने के प्राथमिक आदेश जारी कर चुका है। ये अचल सपत्तियां कमर्शियल और रेजिडेंशियल हैं और IL&FS फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के निदेशकों के पास है।

अधिकारियों ने कहा कि एयरसेल के संस्थापक सी शिवशंकरन द्वारा अपने परिजनों और समूह की कंपनियों के नाम पर अप्रत्यक्ष तौर पर रखी गई कुल संपत्तियों को भी कुर्क किया गया। कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 570 करोड़ रुपये है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दायर प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने इस साल फरवरी में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। ईडी ने चार्जशीट में कहा कि IL&FS का वरिष्ठ प्रबंधक / अधिकारी कमिशनखोरी जैसे गैरकानूनी कामों में शामिल था और उसने कंपनी की लागत पर निजी फायदा कमाया।
उसने कहा कि आपस में एवं विभिन्न निजी निकायों के प्रमोटर्स के साथ आपराधिक सांठगाठ के जरिए वे स्थापित नियमों के उल्लंघन में लिप्त रहे एवं पहले से कर्ज में फंसी कंपनियों को उन्होंने बड़े कर्ज दिए। ये कर्ज ऐसी कंपनियों को भी दिए गए जो पहले ही IFIN से लिए कर्ज के भुगतान में चूक कर चुकी थीं।
एजेंसी ने कहा की उन्होंने यही आपराधिक तरीका अपनाते हुए शिवशंकरन के साथ साजिश की और शिवा ग्रुप की कंपनियों को कथित तौर पर गलत तरीके से दिए गए कर्जों में से अभी 494 करोड़ रुपये की वसूली नहीं हो सकी है।


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